मां पर अवैध संबंध के चलते प्रेमी संग मिलकर अबोध बेटे की नहर में डुबोकर हत्या करने का आरोप, मामला दर्ज
श्रीगंगानगर। एक महिला पर अवैध संबंध के चलते प्रेमी संग मिलकर साढे तीन वर्ष के अबोध बेटे की नहर में डुबोकर हत्या करने का आरोप लगा है।महिला के पति द्वारा अदालत में दायर किए इस्तगासा के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। केसरीसिंहपुर पुलिस के मुताबिक गुरमेलसिंह बावरी निवासी चक 6 केडब्ल्यूएम कुम्हारावाला तहसील पूगल जिला बीकानेर द्वारा अदालत में दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर उसकी पत्नी जमनादेवी बावरी निवासी चक 3-टी और जमनादेवी के प्रेमी नरेंद्रकुमार नायक निवासी चक 19-एफ जवालेवाला पर उसके साढ़े तीन वर्षीय बेटे गुरप्रीतसिंह की हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।गुरमीतसिंह ने बताया कि जमनादेवी से 7 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। उसके दो बच्चे गुरप्रीतसिंह और दिव्यांशी हुए। पिछले वर्ष 10 फरवरी को जमनादेवी उससे लड़ाई-झगड़ा कर बिना बताए अपने माता-पिता के घर चक 3-टी में आ गई। इस संबंध में उसने तीन-चार बार पंचायतें कीं लेकिन जमनादेवी उसके साथ बसने के लिए नहीं आई क्योंकि उसके नरेंद्रकुमार से अवैध संबंध थे। दोनों पिछले वर्ष 28 मई को आपस में कागजी लिखा-पढी कर लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। उसके बेटे गुरप्रीतसिंह को उन्होंने अपने पास रख लिया। विगत 26 अगस्त की सुबह लगभग 11 बजे उसे पता चला कि गुरप्रीतसिंह को नहर में फेंक कर हत्या कर दी गई है। गुरमेलसिंह का आरोप है कि जमनादेवी और नरेंद्रकुमार ने अवैध संबंधों के चलते उसके बेटे की हत्या कर दी क्योंकि दोनों पूर्व में ही उसकी हत्या कर देने की धमकियां देते थे। उसने गुरप्रीतसिंह को उक्त आरोपियों से बरामद करने के लिए पूगल में उपखंड अधिकारी के समक्ष सीआरपीसी की धारा 97 में और 98 के तहत प्रार्थना पत्र भी पेश किया था। गुरमेलसिंह के अनुसार गुरप्रीतसिंह को नहर में फेंक दिए जाने का पता चलने पर उसकी सास ने उक्त अभियुक्तों के विरुद्ध केसरीसिंहपुर थाना में रिपोर्ट दी थी लेकिन पुलिस ने ना मुकदमा दर्ज किया और ना ही कोई कार्यवाही की। पुलिस ने आरोपियों के साज-बाज कर तथ्यों को छुपा कर कहानी के आधार पर गुरप्रीतसिंह की मृत्यु के संबंध में मर्ग दर्ज कर ली।उसने 27 अगस्त को तत्कालीन थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन उसे पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। उसने 3 और 18 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से थाने में उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दिए। उन पर भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।उसने बीकानेर पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष भी 30 सितंबर को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर भी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने अदालत में इस्तगासा दायर किया। पुलिस ने बताया कि अब अदालत के आदेश पर धारा 103, 238(क) और 240 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी जांच थाना प्रभारी बलवंतराम कर रहे हैं।
