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दो वर्ष पूर्व कर्नाटक में करोड़ों का फ्रॉड कर फरार हुए कंपनी मालिक के पिता और भाई को पुलिस ने गिरफ्तार किया

दो वर्ष पूर्व कर्नाटक में करोड़ों का फ्रॉड कर फरार हुए कंपनी मालिक के पिता और भाई को पुलिस ने गिरफ्तार किया

मुकदमे में दंपती समेत आधा दर्जन आरोपी नामजद

लेक्सस गाड़ी, 10 लाख नगद, 6 मोबाइल सहित काफी सामान बरामद, जांच-पड़ताल जारी
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर पुलिस ने दो वर्ष पूर्व कर्नाटक के विजयपुर जिले में फॉरेक्स ट्रेडिंग, ट्रेडिंग की ट्रेनिंग और क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्ट के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर अनेक लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाली एक कंपनी के मालिक के पिता और भाई को आज गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि पिता और पुत्र भी इस फ्रॉड में शामिल हैं। फ्रॉड के संबंध में कर्नाटक के विजयपुर जिले के निवासी कंटप्पा बाबू चव्हाण द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुरानी आबादी थाना में कंपनी के मालिक अजय आर्य और एक दंपती समेत आधा दर्जन व्यक्तियों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार कंपनी का मालिक अजय आर्य नामक युवक है, जिसके पिता लाजपत तथा भाई दीपक आर्य को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों सौरभ चावला, सलोनी चावला, राजेंद्र सिंह, करमजीतसिंह और बलजीत सिंह की तलाश की जा रही है। इनमें से दो-तीन आरोपियों के विदेश भाग जाने की आशंका भी पुलिस ने जाहिर की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाबू चव्हाण ने मुकदमे में बताया है कि दिसंबर 21 में उसने इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग और क्रिप्टो करंसी इन्वेस्टमेंट का एक वीडियो (रील) देखी। उस पर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो अजय आर्य से बात हुई। अजय आर्य ने बताया कि  वह श्रीगंगानगर का रहने वाला है।फॉरेक्स ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट करने से भारी मुनाफा होता है। उसकी कंपनी द्वारा फॉरेस्ट ट्रेडिंग की ट्रेनिंग भी दी जाती है। बहुत से लोग लाभ कमा रहे हैं। अजय आर्य से उसकी कई बार बातचीत हुई। इसके बाद वह फरवरी 22 में अपने एक साथी राजू गोपाल राठौड के साथ श्रीगंगानगर आया। पुरानी आबादी थाना के समीप एक होटल में ठहरा। अजय आर्य उससे मिलने के लिए आया। उसने कंपनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उसे फॉरेक्स ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट करने के लिए प्रलोभित किया। साथ ही अन्य लोगों को भी इसमें पैसा लगाने के लिए कहा। बाबू चव्हाण के मुताबिक उससे 2 लाख रुपए अजय ने उसी समय ले लिए। इसके बाद वह वापस कर्नाटक चला गया। उसकी अजय आर्य तथा उसके उक्त साथियों से मोबाइल फोन पर बातचीत होती रही। कुछ ही दिनों बाद इन आरोपियों ने कहा कि वह कर्नाटक में आकर कंपनी का ऑफिस खोलना चाहते हैं। फिर यह लोग विजयपुर में आए और कंपनी का ऑफिस खोला। बहुत से लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरंसी में पैसा लगाने के लिए प्रलोभित किया। अनेक लोगों ने खूब पैसा लगाया। पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट में बाबू चव्हाण ने अपने सहित 18 व्यक्तियों द्वारा कुल मिलाकर लगभग साढ़े चार करोड रुपए का निवेश अजय आर्य की कंपनी में लगाना बताया है। उसने दावा किया है कि इस कंपनी ने अकेले कर्नाटक में लगभग 2000 करोड रुपए का फ्रॉड किया है। यह कंपनी जून 2023 में बंद हो गई। उक्त लोग कंपनी बंद करके फरार हो गए। पता चला है कि पिछले 2 वर्षों के दौरान ठगी के शिकार हुए लोग कंपनी मलिक तथा अन्य संचालकों से आपसी पंचायत कर रुपए निकलवाने का प्रयास करते रहे।आज सुबह उक्त मामला दर्ज होते ही पुलिस ने सदर थाना अंतर्गत हनुमानगढ़ सूरतगढ़ बाईपास पर अंबिका सिटी-2 में अजय आर्य के एक ठिकाने पर छापा मारा।अजय आर्य नहीं मिला लेकिन वहां से लगभग 85 लाख रुपए मूल्य की लेक्सस गाड़ी,10 लाख की नगदी, 6 मोबाइल फोन के अलावा अन्य काफी सामान जब्त किया। दोपहर बाद पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि दीपक तथा लाजपत को राउंड अप किया गया है। सहायक पुलिस अधीक्षक (शहर) बी आदित्य ने बताया कि लाजपत और दीपक पिता-पुत्र हैं। बाकी आरोपियों के बारे में जांच पड़ताल चल रही है। सूत्रों ने बताया कि बाकी आरोपियों में से दो-तीन काफी समय से दुबई में रह रहे हैं।

हजारों करोड़ का फ्रॉड: एसपी

प्रेस वार्ता में  पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने बताया कि  दो आरोपियों को काबू कर इनके कब्जे से दस लाख रुपए की नकदी, छह मोबाइल और एक लग्जरी कार जिसकी कीमत अनुमानित 85 लाख रुपए बरामद की है। एसपी ने बताया कि कर्नाटक के रहने वाले बाबू चव्हाण ने साइबर पोर्टल पर शिकायत की थी। इसमें बताया कि वह फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी के संचालकों के संपर्क में आया। इन संचालकों ने एक हजार रुपए के छह हजार रुपए का लालच दिया। इनकी बातों में आकर उसने खुद और अपने परिचितों के माध्यम से साढ़े चार करोड़ रुपए जमा कराए थे लेकिन बाद में कंपनी वाले पेमेंट देने की आनाकानी करने लगे। इन लोगों ने श्रीगंगानगर में आकर सुलह कराने की बात कही। जब वह श्रीगंगानगर पहुंचा तो फिर पेमेंट देने से इनकार दिया। इस संबंध में पुलिस की मदद मांगी। एसपी यादव ने बताया कि पीडि़त ने आरोपियों के बताए गए एक मोबाइल नम्बर की डिटेल खंगाली तो पांच लोगों ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करवा रखी थी। इसमें से एक शिकायत की पड़ताल की गई तो ठगी गई राशि 75 बैंक खातों में ट्रांसफर होना पाया गया। इन 75 बैंक खातों में से सिर्फ एक बैंक खाते की जांच की तो इस खाते में 76 हजार लोगों से ठगी की रकम करीब एक हजार करोड़ रुपए की एंट्री सामने आई। एसपी ने बताया कि कर्नाटक के ज्यादातर लोग इस फॉरेक्स ट्रेडिंग के झांसे में आकर ठगी के शिकार हुए हैं। पुलिस अधीक्षक यादव ने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण का आकलन अरबों रुपए ठगी का सामने आने वाला है। कई आरोपी इस खेल में शामिल हैं। कर्नाटक के अलावा बिहार आदि राज्यों के साइबर एक्सपर्ट भी इस साइबर फ्रॉड का हिस्सा हो सकते है। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। श्रीगंगानगर में जांच टीम में सीओ सिटी आइपीएस बी आदित्य और प्रशिक्षु आईपीएस अजेय सिंह राठौड़ के अलावा सदर सीआई सुभाष, पुरानी आबादी एसएचओ ज्योति नायक आदि शामिल हैं।

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