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आर्किटेक्ट पर वृद्ध महिला चिकित्सक के निर्माणाधीन मकान का कब्जा करने का आरोप, मुकदमा दर्ज

आर्किटेक्ट पर वृद्ध महिला चिकित्सक के निर्माणाधीन मकान का कब्जा करने का आरोप, मुकदमा दर्ज
– मकान का सामान चोरी करने और चिकित्सक को बेटे सहित मारपीट कर बाहर निकाल देने का भी आरोप
श्रीगंगानगर।
शहर की एक बुजुर्ग महिला चिकित्सक ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपने निर्माणाधीन मकान पर एक आर्किटेक्ट द्वारा कब्जा कर लेने का आरोप लगाया गया है।महिला चिकित्सक का आरोप है कि वह अपने बेटे के साथ 20 जनवरी को निर्माणाधीन मकान में कई तो आर्किटेक्ट और उसके 8-10 महिला पुरुष साथियों ने उनको मारपीट कर बाहर निकाल दिया। उसके मकान का काफी सामान भी गायब कर दिया। यही नहीं मकान बिकाऊ होने का बोर्ड भी लगा दिया। पीड़ित महिला चिकित्सक सरोजरानी गुप्ता (73) के पति एससी गुप्ता जोकि चिकित्साधिकारी थे, उनका विगत 20 नवंबर को देहांत हो गया था।जवाहरनगर थाना पुलिस के मुताबिक संजय कॉलोनी निवासी चिकित्सा सरोजरानी गुप्ता द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर आर्किटेक्ट जितेंद्रसिंह मरोक, उसकी पत्नी अमनदीप कौर समेत उसके 8-10 साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच एएसआई करणीसिंह के सुपुर्द की गई है। पुलिस को अपने पुत्र पुष्कल के जरिए रिपोर्ट देते डॉ सरोज रानी गुप्ता ने बताया कि वह हार्ट, किडनी और घुटनों की बीमारी से ग्रसित है। उसका इकलौता पुत्र पुष्कल भी शारीरिक रूप से दिव्यांग है। उसके पति एससी गुप्ता ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मकान संख्या 3/1 को तोड़कर बनाने के लिए आर्किटेक्ट जितेंद्रसिंह मरोक से संपर्क किया तो उसने मकान का डिजाइन बनाने के बाद अपनी पत्नी अमनदीपकौर के नाम की बाबा दीपसिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी से एमओयू कर काम शुरू कर दिया। एमओयू की शर्तों के अनुसार मकान निर्माण के लिए 38 लाख रुपए तथा पुराने मकान का सामान बेचने से प्राप्त हुए 2 लाख कुल 40 लाख रुपए का भुगतान उसे कर दिया। डॉ. सरोजरानी गुप्ता के मुताबिक उक्त आरोपियों द्वारा धमकाकर और राशि की मांग करने,दुकान पर कब्जा करने और उसके पुत्र से मारपीट करने की मानसिक पीड़ा  के कारण 20 नवंबर 24 को उसके पति का स्वर्गवास हो गया। उक्त ठेकेदार और उसकी पत्नी द्वारा लगातार आपराधिक व्यवहार करने, मकान पर कब्जा करने की धमकियां देने,निर्माणाधीन मकान से उसे और उसके पुत्र को आने-जाने से रोकने की धमकियां देकर लाखों रुपए की मांग करने लगे। डॉ सरोजरानी गुप्ता के मुताबिक उसके द्वारा थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिए गए। न्यायालय में उक्त लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए इस्तगासा प्रस्तुत करने पर जितेंद्रसिंह मरोक और उसकी पत्नी उनके साथ रंजिश रखने लगे। निर्माणाधीन मकान पर कब्जा करने की नीयत से आर्किटेक्ट और उसकी पत्नी ने 8-10 महिला पुरुषों को रख लिया। यह पता चलने पर वह अपने पुत्र पुष्कल गुप्ता को लेकर 20 जनवरी को निर्माणाधीन मकान पर गई तो जितेंद्रसिंह, उसकी पत्नी अमनदीपकौर तथा वहां रखे हुए आदमियों ने मारपीट करनी शुरू कर दी। उसे बालों से पकड़ कर घसीटते मकान से बाहर सड़क पर फेंक दिया। उसके पुत्र से भी  मारपीट की। मकान के दोनों कमरों का ताला तोड़कर बिजली फिटिंग का सामान, टाइल्स, मार्बल स्टील गेट और रेलिंग आदि सामान चोरी कर ले गए।उसे और उसके पुत्र को गालियां निकाली। वह तथा उसका बेटा घबरा गए और अपने घर आ गए। डॉक्टर होने के कारण उसने अपने बेटे के लगी चोटों का इलाज उसने घर पर ही किया। डॉ सरोजरानी गुप्ता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में कहा है कि वह हार्ट, किडनी और घुटनों की बीमारी से ग्रसित है।उसका इकलौता पुत्र दिव्यांग है। उनके आगे पीछे कोई नहीं है।इस कारण अपराधिक किस्म के लोग उसके कीमती मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। जिस मकान को लेकर यह विवाद सामने आया है वह सुखाड़ियानगर मार्ग पर जिंदल नर्सिंग होम चौराहे से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी को जाने वाली मेन रोड पर कॉर्नर पर है। प्राइम लोकेशन होने के कारण इसकी काफी बड़ी कीमत है। जानकारी के मुताबिक दो दिन पूर्व इस मामले को लेकर शहर के अनेक गण्यमान्य व्यक्ति पुलिस अधीक्षक से मिले। इसके बाद यह मामला थाने में दर्ज हुआ है।पुलिस के एक आला अधिकारी ने निर्माणाधीन मकान का निरीक्षण कर वहां से गायब किए गए सामान का जायजा भी लिया है।

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