दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों के विवाद में 29 लाख का चना गायब, फैक्ट्री वाले ने दोनों पर दर्ज करवाया मुकदमा
श्रीगंगानगर। दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों के संचालकों के आपसी लेनदेन के विवाद में स्थानीय हनुमानगढ़ मार्ग पर स्थित रीको उद्योग विहार की एक फैक्ट्री का लगभग 29 लाख रुपए मूल्य का चना गायब कर दिया गया। फैक्ट्री वाले ने दोनों ट्रांसपोर्ट कंपनियों के खिलाफ चना खुर्द-बुर्द करने के आरोप में स्थानीय सदर थाना में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस के मुताबिक उद्योग विहार में श्री बालाजी फूड एंड डेरिवेटिव्स फर्म के पार्टनर अमित द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उद्योग विहार पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई जाकिर हुसैन के सुपुर्द किया गया है। अमित कुमार ने बताया कि उसकी फर्म ने एनसीसीएफ लोहारडा, मध्य प्रदेश से 420.30 क्विंटल चना 24 जनवरी को मंगवाया था,जिसकी कीमत 29 लाख रुपए है। ट्रक मालिक सुरेंद्र गोस्वामी, गोस्वामी कांट्रेक्टर एंड सप्लायर मिस्त्री मार्केट चक 24 डीडब्ल्यूडी सरदारशहर रोड रावतसर जिला हनुमानगढ़ द्वारा भेजा चालक रवि कुमार निवासी वाया जूनिया हरपुर, सरवर, अजमेर ट्रक में चना लेकर रीको उद्योग विहार में आ गया। यहां आने पर ड्राइवर और मालिक ने फोन कर बताया कि उनका दिल्ली पंजाब ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक बबलू से रूपयों के लेनदेन का विवाद है। इसलिए वे माल यहां बिना उतरे वापस लेकर जा रहे हैं। उन्होंने माल खुर्द-बुर्द करने की धमकी दी। यह धमकी भी दी की अगर उसने कोई कार्यवाही की तो अंजाम बुरा होगा। अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि ट्रक मालिक और ड्राइवर ने मिलीभगत कर उसकी फर्म को माल ना देकर रावतसर ले गए। उन्होंने माल को खुर्द-बुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार अमित कुमार ने दर्ज करवाए मुकदमे में दिल्ली पंजाब ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक बबलू, पटेल ढाबा इटाया रोड नजदीक नाहर पोलीफिल्म्स मंडीदीप जिला रायसेन मध्य प्रदेश को भी उक्त आरोपियों के साथ नामजद किया है। जांच कर रहे एएसआई जाकिर हुसैन ने बताया कि-दरअसल मध्य प्रदेश और रावतसर की ट्रांसपोर्ट कंपनियों के संचालकों में आपसी रूपयों के लेनदेन का विवाद है। मध्य प्रदेश से जब ट्रक माल लेकर श्रीगंगानगर आ रहा था, तब सुरेंद्र गोस्वामी वहां की ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक से अपना हिसाब किताब क्लियर करने के लिए कह रहाज्ञथा। माल के श्रीगंगानगर पहुंचने तक हिसाब किताब क्लियर नहीं हुआ तो सुरेंद्र गोस्वामी ने माल सहित ट्रक को रावतसर मंगवा लिया। हिसाब-किताब को लेकर दोनों पक्षों की कई दिन तक आपसी पंचायत भी होती रही लेकिन सुलटारा नहीं हुआ। इस मामले में प्रथम दृष्टया श्री बालाजी फूड एंड डेरिवेटिव्स फर्म के संचालकों का कोई लेना देना नजर नहीं आ रहा लेकिन ट्रांसपोर्ट कंपनियों के आपसी विवाद में उसे माल की सप्लाई अटक कर रह गई, जिससे उसे आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
