चार बहनों के इकलौते भाई को निगल गया चिट्टा
विधवा मां भी हुई बेसहारा
श्रीगंगानगर। नामुराद चिट्टा (हैरोइन) का नशा शहर के एक और नौजवान को निगल गया जो चार बहनों का इकलौता भाई और विधवा मां का एकमात्र सहारा था। पुरानी आबादी के केदार चौक के पास रहने वाले 23 वर्षीय इस नौजवान ने कल शाम को अपने ही घर में नशे का इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन में नशा ओवरडोज था, जिसने उसकी जान ले ली। बेसुध हुए नौजवान को लेकर परिवारजन जिला अस्पताल को दौड़े लेकिन मौत की रफ्तार कहीं ज्यादा तेज निकली। वह रास्ते में ही दम तोड़ गया। इस नौजवान के चार बहने हैं।तीन बहनों की शादी हो चुकी है। उसके पिता का लगभग डेढ़ वर्ष पहले देहांत हो गया था। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उन्होंने नशा छुड़वाने की बहुत कोशिशें की लेकिन वह नशा नहीं छोड़ पाया। करीब 5 वर्ष से वह चिट्टे का नाश कर रहा था। परिवार वाले आज सुबह जिला अस्पताल के मुर्दाघर से उसके शव को बिना पुलिस और पोस्टमार्टम की कार्यवाही के ले गए। शहर में ऐसे कई नौजवान नशे की गर्त में पड़कर अपना जीवन तो गंवा चुके हैं। कुछ युवकों की लाशें तो झाड़ियों और नालों में पड़ी मिली हैं। पुलिस नशा बेचने वालों को पकड़ तो रही है लेकिन नशे की सप्लाई में फिर भी कोई कमी नहीं आ रही।कारण यह है कि नशा सप्लाई करने वाले बड़े तस्कर पुलिस के हफ्ते नहीं चढ़ पाते।
