सात वर्ष पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का विरोध करने वाले किसानों में शामिल सरपंच इंद्राज पूनिया गिरफ्तार
– अब तक 23 किसान नेताओं की हो चुकी है गिरफ्तारी
श्रीगंगानगर। लगभग 7 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को श्रीगंगानगर आगमन के दौरान श्रीगंगानगर-पदमपुर मार्ग पर सीसी हैड के पास ग्रामीण किसान मजदूर समिति (जीकेएस) द्वारा किसानों की विभिन्न मांगों से अवगत करवाने के लिए रोकने का प्रयास करने के दौरान हुई झड़प के मामले में एक सरपंच को पुलिस ने आज गिरफ्तार किया, जबकि पूर्व में 22 किसान नेताओं की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पदमपुर पुलिस ने बताया कि 8 सितंबर 2016 को हुए इस घटनाक्रम के संबंध में सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में दर्ज किए गए प्रकरण में ग्राम पंचायत रिडमलसर के सरपंच इंद्राज पूनिया को गिरफ्तार किया गया है जो कि पिछले लंबे समय से पकड़ में नहीं आ रहा था। उसे अदालत में पेश किया जा रहा है। वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे श्रीगंगानगर जिले के दौरे पर आई थीं। उस दिन शाम को सीसी हैड पर जीकेएस के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान नेता और किसान इकट्ठा हुए थे जो कि मुख्यमंत्री को वहां रोककर इलाके के किसानों और किसी की समस्याओं से अवगत करवाना चाहते थे। किसानों ने मुख्यमंत्री का काफिला रोकने की कोशिश की तो वहां तैनात पुलिस के साथ झड़प हो गई। झडप में लगभग डेढ दर्जन किसानों सहित अनेक पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। पुलिस ने किसानों पर जबरदस्त लाठी चार्ज कर दिया था।अनेक किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया था। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपालसिंह संधू, जीकेएस के संयोजक रणजीतसिंह राजू,प्रवक्ता संतवीरसिंह मोहनपुरा सहित बड़ी संख्या में किसान नेताओं मुख्यमंत्री का काफिला रोकने की कोशिश की थी। पुलिस ने बताया कि इंद्राज पूनिया को गिरफ्तार करने से पूर्व 22 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस घटना में शामिल एक किसान नेता तो विदेश जाने में भी कामयाब हो गया था, जिसे पुलिस ने लंबे अरसे बाद वापस भारत आने पर गिरफ्तार किया।इंद्राज पूनिया के रूप में इस मामले में आखिरी गिरफ्तारी की गई है।
