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चक 2-जीबीए ग्राम सेवा सहकारी समिति में 9 करोड़ का गबन उजागर होने पर आधा दर्जन सीए फर्में ब्लेक लिस्टेड

चक 2-जीबीए ग्राम सेवा सहकारी समिति में 9 करोड़ का गबन उजागर होने पर आधा दर्जन सीए फर्में ब्लेक लिस्टेड
– विभागीय पैनल से नाम हटाया, भविष्य में सहकारी सोसायटियों की ऑडिट नहीं कर पायेंगी
– जिला कलेक्टर एवं जीकेएसबी प्रशासक की रिपोर्ट पर सहकारिता विभाग का कड़ा निर्णय
श्रीगंगानगर।
सहकारिता विभाग ने प्रदेश की चार्टर्ड एकाउंटेंट्स फर्मों को ब्लेक लिस्टेड कर दिया है। अब ये चार्टर्ड एकाउंटेंट्स फर्में भविष्य में कभी सहकारी संस्थाओं की ऑडिट नहीं कर पायेंगी। रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां,  श्रीमती मंजू राजपाल ने छह चार्टर्ड एकाउंटेंट्स फर्मों को विभागीय पैनल से डी-पैनल करने के साथ ही, भविष्य में इन्हें विभागीय पैनल में शामिल करने पर रोक लगा दी है। सहकारिता विभाग की ओर से यह कार्यवाही  श्रीगंगानगर जिला  कलेक्टर एवं दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड(जीकेएसबी) की प्रशासक डॉ. मंजू चौधरी की अनुशंसा पर की गयी। सहकारिता विभाग द्वारा जिन चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्मों को ब्लेक लिस्टेड किया गया है, उनमें 4 श्रीगंगानगर शहर की तथा 2 फर्में जिले के सूरतगढ़ की हैं। इनमें श्रीगंगानगर की विभोर रूपेश एंड कम्पनी, रतन गर्ग एंड एसोसिएट, गोयल नागपाल एंड कम्पनी, राकेश लालगढिय़ा एंड एसोसिएट तथा सूरतगढ़ की भरत मूंदड़ा एंड कम्पनी एवं देवेंद्र भठेजा एंड कम्पनी शामिल हैं।बैंक प्रशासक द्वारा श्रीगंगानगर जिले के जैतसर क्षेत्र की चक 2 जीबीए ग्राम सेवा सहकारी सोसाइटी के मिनी बैंक में लगभग 9 करोड़ रुपये के गबन के मामले में 6 चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्मों के विरुद्ध सहकारिता विभाग एवं भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) के स्तर पर कठोर कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा की गयी थी। इन सीए फर्मों द्वारा वित्त वर्ष 2014-15 से लेकर 2022-23 तक सोसाइटी की ऑडिट की गयी थी, लेकिन किसी ने भी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में गबन और वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख नहीं किया।को-ऑपरेटिव एक्ट अंतर्गत करवायी गयी जांच के जांच परिणाम में चक 2 जीबीए ग्राम सेवा सहकारी समिति लि. का साल 2014-15 से 2022-23 तक ऑडिट करने वाले सीए फर्मों के विरुद्ध, अंकेक्षण कार्य में लापरवाही बरतने के कारण नियमानुसार कार्यवाही के लिए सहकारिता विभाग को प्रकरण प्रेषित करने की अनुशंसा की गयी थी। इसके आधार पर प्रशासक द्वारा रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जयपुर को पत्र लिखा गया था। याद रहेगी 9 करोड़ का गबन उजागर होने पर जैतसर थाना में जीके सब के एक अधिकारी द्वारा आपराधिक मामला भी पिछले दिनों दर्ज करवाया गया था जिसमें पिछले हफ्ते ही पुलिस ने एक सेवानिवृत सहायक व्यवस्थापक  ओमप्रकाश चुघ की गिरफ्तार किया था जबकि एक आरोपी का निधन हो चुका है।  एक अन्य आरोपी बकौल पुलिस फरार है।

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