इमीग्रेशन कंसलटेंट से ही 60 लाख की धोखाधड़ी
– चंडीगढ़ की इमीग्रेशन एजेंसी के संचालकों पर फर्जी वीजा और फर्जी एयर टिकट देने का लगाया आरोप, केस दर्ज
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर में एक इमीग्रेशन कंसलटेंट के साथ ही 60 लाख की धोखाधड़ी हो गई। इस इमीग्रेशन कंसलटेंट का आरोप है कि चंडीगढ़ की एक इमीग्रेशन एजेंसी के संचालक तथा उसके पार्टनर्स ने उसको आस्ट्रेलिया तथा कनाडा आदि देशों के फर्जी वीजा और फर्जी एयर टिकट देकर 60 लाख रुपए ठग लिए। स्थानीय जवाहरनगर थाना पुलिस के मुताबिक 102-एच ब्लॉक में स्थित डीसीटी एजुकेशन कंसलटेंट के संचालक तरुण बिश्नोई (24) द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर बलराज मील पुत्र परमानंद निवासी मकान नंबर 130, नजदीक राजकीय कन्या हाई स्कूल गांव मुकलाना, जिला हिसार,मलशिका पुत्री राजीव कुमार निवासी मकान नंबर 550 वार्ड नंबर 23 अर्बन एस्टेट हिसार, कोमल निवासी खेड़ी हरियाणा और मोहित सहारण पुत्र प्रमोद सहारण निवासी गांव गणेशगढ जिला श्रीगंगानगर के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस के मुताबिक मूल रूप से जिले के नई मंडी घड़साना थाना क्षेत्र के चक 2-एमएलडी निवासी तरुण बिश्नोई ने दर्ज मुकदमे में बताया है कि वह स्थानीय 102-एच ब्लॉक में डीसीटी एजुकेशन कंसलटेंट का संचालक है। वह स्टडी वीसा से युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है। पिछले वर्ष उसके दोस्त मोहित सहारण स्थानीय इनकम टैक्स कॉलोनी निवासी उसके भाई के किराए के मकान में आया और बातों ही बातों में अपने दोस्त बलराज मील के बारे में बताया। मोहित ने बताया कि बलराज वर्क वीजा और टूरिस्ट वीजा का काम करता है। मोहित सहारण ने बलराज मील को वर्क और टूरिस्ट वीजा की फाइलों का काम देने के लिए कहा। उसने इसके लिए सहमति व्यक्त कर दी।अप्रैल 2024 में मोहित ने स्थानीय टांटिया हॉस्पिटल के नजदीक टिप्सी लॉज में बलराज मील से मुलाकात करवाई। बलराज मील ने उसे और उसके साथियों से चंडीगढ़ मिलने आने के लिए कहा। तरुण बिश्नोई के मुताबिक वह और उसका भाई उम्मेद बिश्नोई चंडीगढ़ के सेक्टर 67 में विक्टोरिया होटल में बलराज मील से मिले। बलराज के साथ उसकी पार्टनर कोमल भी थी। बलराज और कोमल ने बताया कि वह आस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके और न्यूजीलैंड आदि देशों के लिए वर्क वीजा और टूरिस्ट वीजा का काम करते हैं। उन्होंने उसके साथ बी2बी रेट पर काम करने की बात की।बलराज ने कोमल से परिचय करवाते हुए कहा कि वह उसकी पार्टनर है और उसके कहे अनुसार ही वह काम करे।तरुण बिश्नोई के मुताबिक यह बातचीत होने के पश्चात उसने बलराज और कोमल को ऑस्ट्रेलिया की आठ फाइलें चार लाख रुपये एडवांस सहित, कनाडा की 11 फाइलें 5 लाख रुपए एडवांस और यूके की दो फाइलें 2 लाख रुपए एडवांस सहित दे दी। इसके बाद मई 2024 के प्रथम सप्ताह में कोमल श्रीगंगानगर आई और दो-तीन दिन यहां रुकी। स्थानीय गौशाला रोड पर आईकॉनिक शोरूम के नजदीक गणपति ओवरसीज में कोमल के साथ मीटिंग हुई। उसने अपने क्लाइंट साहिल, देवेंद्रसिंह, मनप्रीतकौर, मनदीपसिंह रणजीत और पवन कुमार आदि की पूर्व में दी हुई फाइलों के बारे में पूछा तो कोमल ने प्रोसेसिंग की जानकारी दी।कोमल द्वारा जैसे-जैसे फोन कर पेमेंट जमा करवाने के लिए कहा वह उसके द्वारा बताए हुए फोन और अकाउंट्स नंबर में पैसे जमा करवाता रहा। कुछ राशि एटीएम के जरिए जमा करवाई। बलराज मील ने अपनी एक और पार्टनर मलशिका के खाते में भी कुछ रुपए जमा करवाए।तरुण के मुताबिक उसने करीब डेढ़ दर्जन फाइलों की एवज में 60 लाख से अधिक की राशि बलराज और उसकी पार्टनर्स को अदा कर दी। विगत 9 मई को कोमल ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की फाइलों के वीजा आ गए हैं।जिन लोगों के वीजा आए हैं, उसने उनसे 22 लाख 50 हजार रुपए लेकर दो-तीन दिन में ही कोमल द्वारा बताए गए अकाउंट्स नंबर में ट्रांसफर कर दी। उसने वीजा प्राप्त कर लिए लेकिन कोमल ने कहा कि जब वे इन लोगों की टिकट करवा देंगे, तब वे विदेश यात्रा करें,उससे पहले नहीं। तरुण बिश्नोई के अनुसार 9 जून को बलराज और कोमल ने उसे चंडीगढ़ बुलाया। वीजा आने की खुशी में एक होटल में पार्टी दी। पार्टी में उनके साथ मोहित सहारण, खुशी अरोडा, पूर्णिमा और लक्ष्य आदि भी थे। तरुण के अनुसार इसके बाद आरोपियों ने उसे कनाडा के विद्यार्थियों के पासपोर्ट मंगवाकर उन पर फर्जी वीजा की स्टैंप लगाकर पासपोर्ट भेज दे दिए गए ।आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया की फर्जी टिकट दे दीं। उसे बताया गया कि एयरपोर्ट पर ऑस्ट्रेलिया के लोगों की बोर्डिंग कोमल खुद करवाएगी। उन्होंने एक अज्ञात व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी देते हुए कहा कि यह व्यक्ति ही ऑस्ट्रेलिया की बोर्डिंग देगा। तरुण के अनुसार आरोपियों ने 8 मई से 5 अगस्त 24 के दौरान आस्ट्रेलिया, कनाडा और यूके आदि देशों के वर्क वीजा की एवज में उसे 60 लाख से अधिक की राशि प्राप्त कर ली। विगत 19 जून को उनके द्वारा दिए हुए वीजा और टिकट के आधार पर उसके क्लाइंट विदेश जाने के लिए एयरपोर्ट पर गए। फोन करने पर कोमल ने एक बार फोन उठाया और बताया कि वह 10 मिनट में एयरपोर्ट पर आ रही है। बाद में उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। बोर्डिंग के लिए एयरपोर्ट के काउंटर पर जाने पर वहां बैठे अधिकारी ने टिकट और वीजा फर्जी होना बताया। तरुण के मुताबिक इस पर उसके क्लाइंट उसके ऑफिस में आए और उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाने की बात करने लगे। इस पर उसने माफी मांगते हुए उनको रुपए वापस कर दिए। आरोपियों को दिए हुए रुपए वापस लेने के लिए 25 जून को उसने उम्मेद बिश्नोई, जय शर्मा, हैप्पी भुल्लर तथा सिकंदर अरोड़ा को साथ ले जाकर बलराज मील, कोमल, मलशिका तथा मोहित सहारण से पंचायत की। तरुण ने आरोप लगाया है कि इन आरोपियों ने 60 लाख रुपए वापस करने से इनकार कर दिया।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच एएसआई करणीसिंह के सुपुर्द की गई है।
बॉक्स न्यूज़
जॉर्जिया भेजने के नाम पर साढे लाख की ठगी
इस बीच जिले के सूरतगढ़ शहर थाना में भी विदेश भेजने के नाम पर 6 लाख 50 हजार की धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार लूणकरणसर, जिला बीकानेर निवासी देवकरण द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर सूरतगढ़ में जीएस वीजा प्वाइंट के संचालक अर्जुन गोदारा निवासी दुलमाना तथा उसके दो साथियों जगदीश और राकेश के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। देवकरण ने बताया है कि पिछले वर्ष इन आरोपियों ने वर्क वीजा से जॉर्जिया भेजने और वहां अच्छी सैलैरी की नौकरी दिलाने का वायदा कर रुपए ले लिए। उसे पहले ओमान भेजा। करीब 9 दिन ओमान में रहने के बाद उसे जॉर्जिया भेज दिया गया। जॉर्जिया में अधिकारियों ने उसके कागज देखकर कहा कि वर्क वीजा नहीं होने के कारण वह यहां नौकरी नहीं कर सकता। उसे वापस भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार देवकरण ने आरोप लगाया है कि यहां वापस आने पर उक्त आरोपी उसे जल्दी ही वर्क वीजा से जॉर्जिया भेजने का आश्वासन देते रहे। उसके साथ एक नया इकरारनामा भी किया, लेकिन उसे ना तो जॉर्जिया वर्क वीजा से भेजा और ना ही उसे लिए हुए 6 लाख 50 हजार रुपए वापस किये।
विदेश भेजने के नाम पर एक और ठगी
उधर, हनुमानगढ़ जिले के में भी विदेश भेजने के नाम पर लगभग तीन लाख रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस ने अब्दुल हक निवासी भट्ठा कॉलोनी वार्ड नंबर 15 द्वारा अदालत में दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर इमरान पुत्र सलमुद्दीन निवासी राणासर जिला चूरू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। जांच कर रहे एएसआई कालूराम ने बताया कि अब्दुल हक के बेटे का ससुराल का राणासर में है, जहां उसकी मुलाकात इमरान से हुई। वर्ष 2023 में इमरान ने उसे माल्टा भिजवाने और अच्छी सैलरी से नौकरी दिलाने का वायदा किया। अब्दुल हक का आरोप है कि इमरान ने उसके बेटे को माल्टा भिजवाने के नाम पर लगभग 3 लाख रुपए ले लिए। उसके बेटे को इमरान ने ना तो विदेश भेजा और ना ही रुपए वापस किये। इमरान चुरू जिले के विशाल में बस अड्डा के पास कथित रूप से इमीग्रेशन एजेंसी चलाता है।
