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फर्जी ट्रेडिंग एप से करोड़ों की ठगी करने के आरोपी पिता- पुत्र को पुलिस ने फिर से रिमांड लिया

फर्जी ट्रेडिंग एप से करोड़ों की ठगी करने के आरोपी पिता- पुत्र को पुलिस ने फिर से रिमांड लिया
– मुख्य आरोपी अजय आर्य सहित अनेक अभी भी फरार
– दंपति समेत अनेक आरोपी विदेश में छुपे होने की आशंका
श्रीगंगानगर।
श्रीगंगानगर में उजागर हुए फर्जी ट्रेडिंग एप से करोड़ों रुपए की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार पिता-पुत्र का स्थानीय सदर थाना पुलिस ने अदालत से फिर दो दिन का डिमांड मंजूर करवाया है। सदर थाना प्रभारी सीआई सुभाष बिश्नोई ने बताया कि स्थानीय अंबिका सिटी कॉलोनी-द्वितीय निवासी लाजपत आर्य और उसके पुत्र दीपक आर्य को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। दोनों को कल शाम को जिला कारागृह से थाने में लाया गया। पूर्व में इनके मकान से जब्त किए गए सामान में मोबाइल फोन तथा सीपीयू की हार्ड डिस्क को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) जयपुर को भिजवाया गया था। इनके मोबाइल फोन तथा हार्ड डिस्क से काफी डाटा डिलीट किया हुआ था।एफएसएल में दोनों डिलीट डाटा को रिकवर किया गया है। जिसमें कुछ चैटिंग के अलावा बैंक अकाउंट नंबर आदि काफी कुछ मिला है। थाना प्रभारी के अनुसार एफएसएल ने यह डाटा एक अन्य हार्ड डिस्क में ट्रांसफर करके दिया है।इस डाटा का दोनों आरोपियों के सामने विश्लेषण करने और इसके बारे में पूछताछ करने के लिए गत दिवस अदालत में उनके प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन किया गया था। अदालत ने दो दिन का रिमांड दिया है। डाटा के विश्लेषण के लिए पुलिस द्वारा साइबर विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। इसके लिए एक टीम फिर से सदर थाना में पहुंची है। एफएसएल द्वारा रिकवर किए डाटा से ठगी के इस मामले में कुछ और खुला से होने की संभावना है। सैकड़ो हजारों करोड रुपए के इस ठगी के मामले में मुख्य अभियुक्त लाजपत आर्य का पुत्र अजय है, जो कि विगत 28 जनवरी को अंबिका सिटी कॉलोनी-द्वितीय में पुलिस का छापा पड़ने से कुछ देर पहले अपने साथियों सहित भाग जाने में कामयाब हो गया। पुलिस सूत्रों ने अजय आर्य के कहीं विदेश भाग जाने की आशंका व्यक्त की है। हालांकि पुलिस ने उसका लुक आउट नोटिस भी जारी करवाया लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसी मामले में बसंती चौक के समीप एक कॉलोनी में रहने वाला दंपति सौरभ चावला और सलोनी भी वांछित हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह दंपति पहले से ही विदेश में है। इसी मामले में पुलिस को कर्मजीतसिंह, बलजीतसिंह तथा राजेंद्रसिंह की भी तलाश है।पिछले लगभग सवा महीने में पुलिस अजय आर्य,सौरभ चावला, सलोनी चावला, करमजीतसिंह, बलजीतसिंह और राजेंद्रसिंह का जरा भी सुराग नहीं लगा पाई। इन के खिलाफ 27 जनवरी की रात को पुरानी आबादी थाना में भी लगभग साढ़े चार करोड़ की ठगी का एक मुकदमा कर्नाटक से आए एक शख्स द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया था। इस शख्स के साथ कर्नाटक से सात-आठ अन्य व्यक्ति भी आए थे,जिनके साथ ठगी हुई थी। कर्नाटक के पीड़ितों द्वारा पुलिस को इस गिरोह के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बाद खुलासा हुआ कि यह गिरोह तीन-चार वर्षो से कर्नाटक के विजयपुरा में एक कंपनी खुल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। इस गिरोह के खिलाफ देश भर में सैकड़ो-हजारों मुकदमे दर्ज हैं। हजारों लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।ठगी गई राशि 2000 करोड़ से अधिक की होने की आशंका है। पुलिस ने 28 जनवरी को लाजपत आर्य के मकान पर छापा मारकर 10 लाख रुपए नगद, तीन सीपीयू, 6 मोबाइल फोन, 8 एटीएम कार्ड, तीन पैन कार्ड और 85 लाख रुपए मूल्य की एक लग्जरी गाड़ी बरामद की थी। उसके घर से कुछ स्टांप पेपर भी मिले। स्टांप पेरो से पता चला कि इन ठगों ने कुछ लोगों को उनसे ठगी गई राशि वापस कर राजीनामा भी कर लिया था। कर्नाटक के उक्त लोग भी गिरोह से राजीनामा कर अपनी रकम निकलवाने के लिए आए थे, लेकिन विवाद हो जाने पर मामला थाने में पहुंच गया।

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