इंस्टाग्राम पर ऐड देखकर चंडीगढ़ की इमीग्रेशन एजेंसी के चक्कर में फंसा युवक 1 लाख 10 हजार की ठगी
श्रीगंगानगर। तृतीय वर्ष स्नातक का एक छात्र इंस्टाग्राम पर एक ऐड देखकर चंडीगढ़ की एक तथाकथित इमीग्रेशन एजेंसी के संचालकों के चक्कर में फस गया और 1लाख 10 हजार रुपए गंवा बैठा। ठगी के शिकार हुए युवक द्वारा अदालत में दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर सदर थाना पुलिस ने चंडीगढ़ के सेक्टर नंबर 35-डी में तथाकथित फ्लाईमील विजा कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक अनीश कुमार और एकता के विरुद्ध धोखाधड़ी वह जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस के मुताबिक चक 6-ई(छोटी) में कबीरनगर निवासी मोहित वर्मा ने अदालत में इस्तगासा दायर कर उक्त कंपनी के संचालकों पर 1लाख 10 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मोहित वर्मा ने बताया कि वह बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। सितंबर 2024 में इंस्टाग्राम पर उसने चंडीगढ़ की उक्त इमीग्रेशन कंपनी का ऐड देखा,जिसमें टूरिस्ट वीजा से विदेश भेजने के ऑफर दिखा रखे थे। उस पर दो नंबर दिए हुए थे। उसके मन में ऑस्ट्रेलिया जाने की इच्छा थी। उक्त नंबरों पर संपर्क किया तो एकता नाम की युवती ने कहा कि उसे ऑस्ट्रेलिया भेज देंगे। पहले 10 हजार रुपए जमा करवाने और अपने दस्तावेज भेजने का एकता ने कहा। जिस पर उसने 10 हजार रुपए दे दिए और अपने दस्तावेजों की पीडीएफ बनाकर भी उसे मोबाइल पर भेज दी। दस्तावेज देखने के बाद एकता ने कहा कि यह कागजात बिल्कुल सही है। उसको ऑस्ट्रेलिया का टूरिस्ट वीजा मिल जाएगा। फाइनल वीजा के लिए उसने 10 हजार रुपए और भेजने के लिए कहा। मोहित वर्मा के अनुसार इसके बाद एकता ने अनीश से बात करवाई। अनीश ने खुद को कंपनी का प्रबंधक बताया और कहा कि जैसे-जैसे उसके कागजात तैयार होंगे, उसे रुपए ट्रांसफर करने होंगे। इसके बाद जैसे-जैसे उसे मैसेज मिलते रहे, वह पेमेंट ट्रांसफर करता रहा।मोहित के मुताबिक उसने 27 नवंबर 24 तक कुल 1 लाख 10 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। एकता ने उसे वीडियो कॉल कर उसके नाम से बने टूरिस्ट वीजा के कागजात दिखाए, जिससे उसे भरोसा हो गया कि एक-दो दिन में वीजा आ जाएगा, लेकिन बाद में एकता और अनीश ने फोन उठाना ही बंद कर दिया। उसके द्वारा लगातार संपर्क किया गया उक्त आरोपियों ने अपने मोबाइल किन्हीं और महिलाओं को दे दिए जो उसे बार-बार आश्वासन देती रहीं। उसे टूरिस्ट वीजा नहीं भेजा। उसे लिए हुए 1लाख 10 हजार रुपए भी वापस नहीं किये। मोहित के अनुसार उसने 10 फरवरी को सदर थाना में रिपोर्ट दी और फिर 14 फरवरी को पुलिस अधीक्षक ऑफिस में भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने बताया कि अब अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच हवलदार गुलाबसिंह के सुपुर्द की गई है।
