डेयरी संचालक का धोखे से बैंक अकाउंट खुलवाकर लाखों रुपए का अवैध लेनदेन का आरोप, मुकदमा दर्ज
श्रीगंगानगर। एक डेयरी संचालक को कारोबार में वृद्धि करने के लिए बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर बैंक अकाउंट खुलवाया और उसमें अवैध रूप से लाखों रुपए का लेनदेन करने का एक मामला सामने आया है। सदर थाना पुलिस के अनुसार चक 6-एलएनपी निवासी अंकित वर्मा द्वारा अदालत में दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर शुभम अग्रवाल नामक युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। अंकित वर्मा ने बताया कि एसएसबी रोड पर शिव मंदिर के समीप उसकी महादेव डेयरी फार्म के नाम से दुकान है। वह अपना कारोबार बढ़ाना चाहता था, जिसके लिए रूपयों की आवश्यकता थी। शुभम अग्रवाल ने कहा कि पशुधन योजना के तहत वह उसे लोन दिलवा देगा। लोन के लिए उसे अलग से बैंक अकाउंट खुलवाना होगा। शुभम अग्रवाल ने निकटवर्ती गांव हिरणांवाली में यूको बैंक शाखा में 10 अक्टूबर 24 को उसका बैंक अकाउंट खुलवाया। बैंक की पासबुक अपने पास रख ली अंकित का आरोप है कि बैंक द्वारा डॉक से उसके पते पर भेजी गई चेक बुक शुभम अग्रवाल ने पोस्टमैन से मिलीभगत कर खुद हासिल कर ली। वह लोन मिलने का इंतजार करता रहा। इस बीच 7 नवंबर 24 को यूको बैंक का एक अधिकारी उसके घर आया और बताया कि उसके बैंक अकाउंट में लाखों रुपए का लेनदेन हो रहा है।अधिकारी को उसने बताया कि उसके द्वारा तो खुलवाए गए इस बैंक अकाउंट का कोई संचालन ही नहीं किया जा रहा। तब उसे पता चला कि शुभम अग्रवाल ने बैंक अकाउंट खुलवाते समय उसमें अपना मोबाइल नंबर अंकित करवा दिया था। इस कारण उसके बैंक अकाउंट में हो रहे लेनदेन के मैसेज उस तक नहीं पहुंच रहे थे।बैंक से उसे पता चला कि शुभम अग्रवाल ने 6 और 7 नवंबर को उसके बैंक अकाउंट में अन्य खातों से आरटीजीएस तथा नेफ्ट के माध्यम से लाखों रुपए का लेनदेन किया है। उसने शुभम अग्रवाल को तलाश किया तो वह नहीं मिला। उसके घर वालों ने कहा कि वह कई दिनों से घर ही नहीं आया। अंकित ने इस मामले की सूचना सदर थाना को दी लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। फिर उसने 14 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया।उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। बाद में उसने अदालत में इस्तगासा दायर किया, जिस पर अब मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
