श्रीकरणपुर में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में हुए झगड़े की जांच जारी, अभी कोई गिरफ्तारी नहीं
– पुलिस ने कहा-यह मामला सिर्फ आपसी रंजिश और झगड़ाबाजी का, नशा तस्करी संबंध नहीं
श्रीगंगानगर। सीमावर्ती श्रीकरणपुर शहर के वार्ड नंबर 9 में शनिवार रात को दो पड़ोसी परिवारों में हुई झगड़ाबाजी की घटना की पुलिस द्वारा गहनता से जांच पड़ताल जारी है। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को चेक कर जांच करने में लगी है।मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने भी मोबाइल से वीडियो बनाए। पुलिस उनकी भी गहनता से जांच करने में लगी है। इस घटना में घायल हुए राजकिरण द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर उसके पड़ोस में रहने वाले आकाश तथा कुछ अन्य लोगों पर एक राय होकर मारपीट करने और उसकी मां को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकियां देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। जांच सब इंस्पेक्टर बेगराज कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक की जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया कि पीड़ित पक्ष ने पुलिस को आरोपी पक्ष द्वारा नशीले पदार्थ बेचने की कोई सूचना दी थी और इसी की रंजिश में मारपीट की गई। पुलिस ने कहा कि किसी भी अधिकारी के पास किसी ने ऐसी कोई सूचना नहीं दी कि उक्त आरोपी पक्ष के लोग नशीले पदार्थों की बिक्री करते हैं। अलबत्ता अभी तक की जांच में आया है कि राजकिरण और उसके पड़ोसियों में पुरानी रंजिश थी, जिसके चलते शनिवार रात को झगड़ा हुआ।झगड़ा करने वालों में कुछ लोग नशा किए हुए थे। इस घटना के बारे में पूछने पर पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करवाने वाले राजकिरण का संगीन अपराधों वाला रिकॉर्ड है। वह कत्ल के एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत पर रहा है। वह सूरतगढ़ सदर थाना इलाके में डकैती की एक घटना में भी लिप्त रहा है। परसों रात उक्त झगड़ेबाजी को लेकर थाने पर इकट्ठे हुए लोगों द्वारा किए गए हंगामे के वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस इस बात की तहकीकात भी कर रही है कि झगड़े के इस मामले को कैसे और किसी ने नशीले पदार्थों की बिक्री की गुप्त सूचना देने के बाद कोई कार्यवाही करने के बजाए सूचना को पुलिस द्वारा लीक करने और फलस्वरुप मारपीट होने की तरफ मोड़ दिया।एक पूर्व निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी एक वीडियो में हंगामा करने वालों के साथ दिखाई दे रहा है, जिस पर कुछ दिन पूर्व नगर पालिका के एक कर्मचारी की रिपोर्ट पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज हुआ है। उक्त पुलिस अधिकारी के मुताबिक कुछ लोगों ने जानबूझकर इस मामले को नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी से जोड़कर हंगामा किया जबकि ऐसा कोई तथ्य अभी तक की जांच में सामने नहीं आया है। झगड़े के मामले की जांच जारी है।
