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राजस्थान सरकार एक वर्ष से बच्चों से संबंधित अपराधों की जानकारी नहीं कर रही सार्वजनिक: निशा सिद्धू

राजस्थान सरकार एक वर्ष से बच्चों से संबंधित अपराधों की जानकारी नहीं कर रही सार्वजनिक: निशा सिद्धू
– अप्रैल 2024 से पुलिस वेबसाइट नहीं की जा रही अपडेट
श्रीगंगानगर।
नेशनल फेडरेशन ऑफ़ वीमेन(एनआईएफडब्ल्यू) ने आरोप लगाया है कि राजस्थान में भाजपा सरकार बच्चों संबंधी अपराधों की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रही। अप्रैल 2024 से पुलिस वेबसाइट को अपडेट नहीं हो रही। एनआईएफडब्ल्यू ने राजस्थान में बच्चों के खिलाफ हो रहे अपराधों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती निशा सिद्धू ने बताया कि राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर थानों में दर्ज मुकदमा को नियमित रूप से सार्वजनिक किया जाता था लेकिन अप्रैल 2024 के बाद से यह प्रक्रिया बंद है। उन्होंने इसे पारदर्शिता में कमी बताई, वहीं कड़े शब्दों में निंदा की है उन्होंने कहा कि यह जनता के अधिकारों का हनन है। राष्ट्रीय महासचिव के अनुसार राजस्थान में जनवरी 2017 से अप्रैल 2024 के बीच बच्चों से संबंधित अपराधों के आंकड़े संकलित किए गए जो कि बहुत ही चौंकाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उक्त अवधि में पोक्सो एक्ट के 33 हजार 780, जुवेनाइल एक्ट के 6 हजार 432, बाल श्रम अधिनियम के 1852 और बाल विवाह के 154 प्रकरण दर्ज हुए हैं।यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां हैं। बच्चों पर हो रहे अपराधों में निरंतर वृद्धि के आंकड़े संकेत देते हैं कि न केवल कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है बल्कि आंकड़ों की सार्वजनिक उपलब्धता भी तत्काल बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि पुलिस की वेबसाइट को नियमित रूप से अपडेट किया जाए। बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए। सभी जिलों में बाल संरक्षण तंत्र को सशक्त किया जाए तथा जनता व मीडिया के लिए आंकड़ों की पहुंच सुगम तथा सुनिश्चित की जाए। राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर जल्दी ही प्रदेश में जन जागरूकता और अभियानों की श्रृंखला शुरू की जाएगी।

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