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अनूपगढ़ सब जेल में रची गई थी हिस्ट्रीशीटर कुलजीत राणा की हत्या की साजिश, कुख्यात जंटा पर शक!

अनूपगढ़ सब जेल में रची गई थी हिस्ट्रीशीटर कुलजीत राणा की हत्या की साजिश, कुख्यात जंटा पर शक!

दो नामजद आरोपियों सहित अनेक को पुलिस ने किया राउंडअप

श्रीगंगानगर 20 दिसंबर। हिस्ट्रीशीटर कुलजीत उर्फ राणा उर्फ बाबा (35) की हत्या की साजिश अनूपगढ़ जिले में अनूपगढ़ की सब जेल में रची गई थी। कुलजीत उर्फ राणा इसी जेल से विगत 3 दिसंबर को जमानत पर रिहा हुआ था। इसी जेल में गुंडागर्दी में उसका प्रतिद्वंदी चूनावढ थाना क्षेत्र का एक अन्य हिस्ट्रीशीटर गुरजंटसिंह उर्फ जंटा बंद है। कुलजीत राणा हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त गुरजीत उर्फ सरपंच अपने गैंग के 20-25 बदमाशों को तीन-चार गाड़ियों में लेकर 18 दिसंबर को अनूपगढ़ गया था। गुरजीत और उसके दो साथियों ने मुलाकात के तौर पर जंटा से मुलाकात की थी। समझा जाता है कि इसी मुलाकात में राणा की हत्या की साजिश रची गई। दोपहर बाद वहां से वापस श्रीगंगानगर आते हुए कुलजीत उर्फ राणा को ठिकाने लगाने का पूरा ताना-बाना बुन लिया गया। अनूपगढ़ जिले का निवासी गोरा नामक बदमाश कुलजीत और गुरजीत दोनों गुटों का कामन फ्रेंड था। गुरजीत ने गोरा को अपने साथ कर लिया।उसी के जरिए कुलजीत को 18 दिसंबर की रात को ही स्थानीय ट्रक यूनियन पुलिया के नजदीक सेवक साउंड वाली गली में धोखे से लाया गया। जहां गुरजीत और उसके गैंग के बदमाशों ने बेतहाशा पीट- पीट कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने इस हत्याकांड में नामजद बदमाशों में से दो के अलावा कुछ अन्य संदिग्ध बदमाशों को राउंडअप किया है।जिनसे पूछताछ चल रही है। मृतक कुलजीत राणा चूनावढ थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर  कुख्यात अपराधी था। उसके खिलाफ 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। गुरजंट उर्फ जंटा भी चूनावढ थाना इलाके का ही हिस्ट्रीशीटर है। दोनों बदमाशों में गुंडागर्दी के वर्चस्व को लेकर काफी समय से प्रतिस्पर्धा चल रही है। दोनों गुटों में अनेक बार मारपीट व लड़ाई झगड़ा ही नहीं हो चुके हैं बल्कि एक दूसरे को सोशल मीडिया में वीडियो अपलोड कर ललकारते भी रहते थे।

दुश्मन के दुश्मन ऐसे बने दोस्त

उच्च पदस्थ पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुरजंट उर्फ जंटा चार-पांच  महीने पहले नई मंडी घड़साना इलाके में अपने गिरोह के साथ कोई बड़ी वारदात करने की फिराक में अवैध हथियारों सहित पकड़ा गया था। इसी मामले में वह अनूपगढ़ जेल में बंद है।कुलजीत राणा को भी पिछले दिनों अनूपगढ़ जिले की रामसिंहपुर पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें वह विगत 3 दिसंबर को ही जमानत पर रिहा हुआ था। इन्हीं सूत्रों के मुताबिक गुरजंट सिंह उर्फ जंटा की इस हत्याकांड में बहुत ही संदिग्ध और सक्रिय भूमिका प्रतीत हो रही है। दोनों एक ही जेल में बंद थे। बताया जाता है की जेल के अंदर भी इनकी खींचतान चलती रहती थी। राणा की जमानत होने के बाद गुरजीत सिंह उर्फ सरपंच जंटा के संपर्क में आया।  गुरजीतसिंह की पहले से ही कुलजीत राणा के गिरोह के साथ ट्रैक्टर ट्राली यूनियन की आड़ में की जाने वाली गुंडा टैक्स वसूली को लेकर लड़ाई-झगड़ा तथा विवाद चल रहे थे। गुरजीत गैंग के बालूराम भाट उर्फ़ बब्बू भाट का विगत अप्रैल महीने में कुलजीत राणा गिरोह ने अपहरण कर लिया था। उसे सूरतगढ़ रोड पर एक गांव की कल्याण भूमि में ले जाकर बुरी तरह पीटा। उसके हाथ पैर तोड़ दिए थे। बब्बू भाट की बड़ी मुश्किल से जान बची। गुरजीत उर्फ सरपंच रीको उद्योग विहार क्षेत्र में ट्रैक्टर ट्राली से मिट्टी की ढुलाई-भर्ती की गुंडा टैक्स वसूली में काफी समय से सक्रिय है। वहीं कुलजीत राणा तूड़ी ढोने वाले वाहनों की तथाकथित यूनियन से जुड़कर यही वसूली करने में लगा हुआ था। इसी के चलते इन दोनों की आपस में रंजिश चल रही है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक 18 दिसंबर को गुरजीतसिंह के साथ अनूपगढ़ के 20-25 बदमाशों में बब्बू भाट, हंसा, कुलविंदर और रामा टाक आदि शामिल रहे। रामनिवास उर्फ रामि टाक निवासी पुरानी आबादी को जवाहरनगर पुलिस ने कल ही दो अन्य बदमाशों के साथ हिस्ट्रीशीटर अवतारसिंह उर्फ लकी पहलवान हत्याकांड में गिरफ्तार किया है। राम टाक ने लक्की हत्याकांड के मुख्य आरोपियों की अप्रत्यक्ष रूप से मदद की थी। कुलजीत राणा हत्याकांड में वह खुद शामिल था या नहीं, इसकी अभी जांच चल रही है, लेकिन वह 18 दिसंबर को गुरजीत के साथ अनूपगढ़ गए बदमाशों में शामिल अवश्य था। राणा हत्याकांड में पुलिस ने जिन संदिग्ध बदमाशों को पकड़ा है, उनमें शहर की एक अन्य ट्रैक्टर ट्राली यूनियन का प्रधान भी बताया जा रहा है। यह प्रधान भी उस दिन अनूपगढ़ गया था।

दोस्त,दोस्त ना रहा!

पुलिस सूत्रों के मुताबिक 18 दिसंबर की शाम को अनूपगढ़ से वापस आते ही गुरजीत और रामचंद्र गिरोह ने कुलजीत का पता लगाना शुरू कर दिया। इस काम में गोरा की मदद ली गई जो गुरजीत का भी दोस्त है और कुलजीत का भी दोस्त था। कुलजीत 18 दिसंबर की रात लगभग 11 बजे केंद्रीय बस अड्डा के पास अपने चचेरे भाई गुरुराज्यवर्धन सिंह के साथ कहीं मौजूद था। वहां गोरा पहुंचा और कुछ देर दोनों से बातचीत की। फिर उसने कुलजीत को अपनी गाड़ी में ट्रक यूनियन पुलिया के नजदीक छोड़ने के लिए कहा। गोरा ने बताया कि वहां वह एक पीजी में रह रहा है जबकि अन्य सूत्र बताते हैं कि वहां गोरा कोई पीजी में नहीं रहता था। वह किसी और बहाने से कुलजीत को वहां लेकर गया गुरुराज्यवर्धन भी इनके साथ था। ट्रक यूनियन पुलिया के पास सेवक साउंड वाली गली में गोरा कार से उतरा। कुलजीत तथा गुरु राज्यवर्धनसिंह को उसने कमरे में आकर चाय पीने के लिए कहा। उन्होंने चाय पीने से मना कर दिया। गोरा ने कुलजीत के साथ गले मिलते हुए मोबाइल से सेल्फी फोटो खींची। तभी पहले से ही आसपास की गलियों में मोटरसाइकिलों पर तलवारे, लाठी-डंडे आदि हथियारों से लैस होकर मौजूद गुरजीत उर्फ सरपंच गैंग के बदमाशों ने एकाएक आकर कुलजीत को घेर लिया। गुरुराज्यवर्धनसिंह डर कर भाग गया। कुलजीत राणा को बेतहाशा पीटने वालों में खुद गोरा भी शामिल रहा लेकिन वह पुलिस को मिले एक-दो वीडियो में यह कहते हुए भी सुनाई दे रहा है कि- यारों इसे इतना मत मारो। मगर अन्य बदमाशों ने बेतहाशा मारना जारी रखा, जिसके चलते कुलजीत मरणासन्न हालत में हो गया। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बब्बू भाट ने विगत अप्रैल माह में अपने साथ हुई मारपीट का बदला लेने के लिए सड़क पर घायल पड़े कुलजीत के चेहरे पर पेशाब किया क्योंकि कुलजीत गैंग ने भी बब्बू के हाथ पैर- तोड़ने के बाद उसके चेहरे पर पेशाब किया था। इसका वीडियो भी बनाकर उन्होंने वायरल किया था। परसों रात बब्बू भाट और उसके साथियों ने भी यही सब करते हुए का वीडियो वायरल कर अपने बदले तथा इंतकाम की आग को कुछ शांत किया। घटनास्थल से भागते हुए यह बदमाश कुलजीत की कार भी ले गए जो अभी तक नहीं मिली। घटना की जांच डीएसपी (अजा/जजा) विष्णु खत्री कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि अभी तक पकड़े गए संदिग्ध बदमाशों से कड़ी पूछताछ चल रही है। बाकी बदमाशों को पकड़ने के लिए भी छापे मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस पूरी वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।

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