Breaking News

गंग कैनाल में पानी का संकट, 30 को किसान कलेक्ट्रेट का करेंगे घेराव

गंग कैनाल में पानी का संकट, 30 को किसान कलेक्ट्रेट का करेंगे घेराव
श्रीगंगानगर, 24 दिसंबर। जिले में सिंचाई परियोजना के बदतर हालातों से आक्रोशित किसानों ने 30 दिसंबर को जिला प्रशासन का घेराव करने की घोषणा की है। अखिल भारतीय किसान सभा, किसान आर्मी व किसान संघर्ष समिति ने सिंचाई विभाग व राजस्थान सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सिंचाई पानी को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। घेराव को सफल बनाने के लिए गांवों में किसान नेता नुक्कड़ मीटिंगों के जरिए संवाद करेंगे।किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल ने कहा कि पिछले एक वर्ष से सिंचाई पानी के संकट के चलते खेती के हालात बेहद दयनीय है। राजस्थान का जल संसाधन विभाग पंजाब से शेयर अनुरूप पूरा पानी लेने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कम पानी की वजह से बिजाई में मुश्किलें आ रही हैं,वहीं जो फसलें किसानों ने बीज रखी हैं,अब तक उन्हें पहला पानी नहीं मिला। ऐसे में इन फसलों के पकाव के लिए पानी नहीं मिलने का खतरा मंडरा रहा है। सहगल ने कहा कि पंजाब में गंग कैनाल की  45 आरडी से राजस्थान सीमा पर खखां हैड तक आदर्श तकनीकी परिस्थितियों में 90 क्यूसेक से अधिक पानी लॉसेज नहीं होना चाहिए जबकि लॉसेज 500 से 700 क्यूसेक तक चला गया। इसके लिए राजस्थान के जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारी पूर्णतः जिम्मेदार है, जो पंजाब जाकर नहर को संभालते ही नहीं है। किसान आर्मी के संयोजक मनिंद्रसिंह मान ने कहा कि गंगनहर पर सिंचाई पानी का ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा गया। किसानों की सुध लेने के लिए राजस्थान सरकार भी संजीदा नहीं है। ऐसे हम खेती को बर्बाद नहीं होने देंगे। मान ने कहा कि भाखड़ा नहर परियोजना में जल वितरण का  रेगुलेशन तय किया गया, वह भी किसान विरोधी है।आगामी  6 जनवरी से भाखड़ा में 1200 की बजाय 800 क्यूसेक पानी देने का रेगुलेशन बनाया गया है। ऐसे में भाखड़ा से सिंचित क्षेत्र में फसलों का पकाव संभव ही नहीं है। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रवक्ता रविंद्र तरखान ने कहा 30 दिसंबर को जिला प्रशासन का घेराव की घोषणा की मुख्य वजह जिले में नहर बंदी जैसे हालात है।रेगुलेशन सिस्टम पूरी तरह ख़त्म हो चुका है। उहोंने कहा कि कोई नहर समय पर नहीं खुल रही है। फसलों में लगाने के लिए पानी की लगातार दो दो बारियां खाली जा रही हैं। इन हालातों में हरे चारे का संकट पैदा हो जाएगा। किसान नेताओं ने किसानों से 30 दिसंबर को जिला प्रशासन के घेराव को सफल बनाने के लिए श्रीगंगानगर चलो का आह्वान किया है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य मांगे-गंगनहर में शेयर अनुसार पूरा सिंचाई पानी देने, गंगनहर के हिस्से का पानी 45 आरडी की बजाय ख़खां हैड पर गेज लगाकर पूरा करने, फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण इसी वित्तीय में वर्ष 31 मार्च 2025 से पहले शुरू करने और भाखड़ा नहर में 20 मार्च तक 1200 क्यूसेक पानी निरंतर चलाने की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *