अरोडवंश ट्रस्ट चुनाव की तैयारी, वोटर लिस्ट का डिजिटाइजेशन और अपग्रेडेशन आरंभ
श्रीगंगानगर। इलाके में अरोड़ा पंजाबी समाज की सबसे बड़ी संस्था अरोडवंश सनातन धर्म मंदिर (ट्रस्ट) के आगामी चुनाव की तैयारी शुरू हो गई हैं। इन दिनों ट्रस्ट की सदस्यता सूची(वोटर लिस्ट) का डिजिटाइजेशन व अपग्रेडेशन का कार्य किया जा रहा है। ट्रस्ट में सदस्यों की संख्या 10 हजार से अधिक है। पहली बार वोटर लिस्ट का डिजिटाइजेशन और अपग्रेडेशन किया जा रहा है।इससे वोटरों की संख्या में काफी बदलाव आने की संभावना है। ट्रस्ट की मौजूदा कार्यकारिणी का 3 वर्ष का कार्यकाल अगले वर्ष जून में पूरा होने वाला है। ट्रस्ट के अध्यक्ष अंकुर मगलानी ने बताया कि सदस्यता सूची का काफी विस्तार से विश्लेषण करने के उपरांत वर्तमान सदस्यता सूची में अनेक कमियां पाई गई हैं, जिन्हें दूर करने का निर्णय लिया गया है। सदस्यता रिकॉर्ड के प्रभारी राजेश जग्गा के अनुसार सदस्यता सूची में काफी सदस्यों के पते अधूरे हैं। कुछ सदस्य ऐसे हैं जो वर्तमान में जीवित नहीं हैं। ऐसे भी अनेक सदस्य हैं,जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि अनेक सदस्य ऐसे भी हैं जो पिछले कई वर्षों से श्रीगंगानगर में निवास नहीं कर रहे। ट्रस्ट का गठन 1962 में हुआ था। रिकॉर्ड अत्यधिक पुराना होने के कारण कुछ सदस्यों के फॉर्म पठनीय नहीं रहे। कुछ सदस्यता फॉर्म के साथ एड्रेस प्रूफ भी नहीं हैं।समय के साथ-साथ कुछ सदस्यों के पतों में बदलाव भी हुआ है।उन्होंने बताया कि अधिकांश सदस्यों के सदस्यता फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल का प्रचलन नहीं होने के कारण उनकी वर्तमान की सूचना उपलब्ध नहीं है जबकि यह सूचना अत्यधिक आवश्यक है। ट्रस्ट के सचिव नीरज चावला ने बताया कि डिजिटाइजेशन और अपग्रेडेशन के लिए ट्रस्ट के सदस्य सहयोग प्रदान करें। वे अपने कोई भी दो आईडी प्रूफ के साथ सदस्यता अपग्रेडेशन फॉर्म भरें। उन्होंने बताया कि यह कार्य आगामी 31 जनवरी 2025 तक किया जाएगा।इस दौरान सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बीरबल चौक के समीप श्री रघुनाथ मंदिर में ट्रस्ट के कार्यालय में दो आईडी प्रूफ सहित अपग्रेडेशन फॉर्म दिए जा सकते हैं। आईडी प्रूफ के रूप में आधार कार्ड,चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर आई कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई भी दो प्रूफ दिए जा सकते हैं। इस के लिए कोई शुल्क नहीं है। उन्होंने बताया कि जो सदस्य 31 जनवरी 2025 तक अपग्रेडेशन फॉर्म और दो आईडी प्रूफ जमा नहीं करवाएंगे, उन्हें ट्रस्ट की मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि इस ट्रस्ट का इलाके में जहां काफी रुतबा है वहीं सामाजिक व राजनीतिक रूप से भी काफी दबदबा है। पिछले चुनाव में पूर्ववर्ती अध्यक्ष कपिल असीजा के कार्यकाल बहुत ही विवादास्पद रहा था। वोटर लिस्ट में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां उजागर हुई थीं। मौजूदा कार्यकारणी वोटर लिस्ट को सुधारने के साथ इसमें पारदर्शिता लाने के लिए काफी ठोस कदम उठा रही है।
