पदमपुर में मोतीराम मेहरा की शहादत को समर्पित समागम आयोजित
– ज्ञानी गुरप्रीत सिंह जैतसर वाले व भाई आत्मासिंह जालंधर वालों ने मोतीराम मेहरा की शहादत पर प्रकाश डाला
– अटूट बरताया दूध का लंगर
पदमपुर। अमर शहीद बाबा मोतीराम मेहरा की शहादत को समर्पित समागम आज पदमपुर के गुरुद्वारा गुरु विश्वकर्मा भवन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मेहरा समाज के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर दूध का लंगर अटूट बरताया गया। मेहरा समाज के प्रमुख सेवादार हरपाल सिंह पटवारी ने बताया कि अमर शहीद बाबा मोतीराम मेहरा की शहादत को समर्पित समागम में 23 दिसंबर को सुबह 10 बजे अखंड पाठ रखा गया, जिसका आज 25 दिसंबर को भोग डाला गया। कीर्तन दीवान सजाया गया, जिसमें ज्ञानी गुरप्रीत सिंह जैतसर वाले तथा भाई आत्मासिंह जालंधर वालों ने अमर शहीद बाबा मोतीराम मेहरा की शहादत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाबा मोतीराम मेहरा को गुरु गोविंद सिंह के छोटे साहिबजादों को दूध पिलाने की सजा के तौर पर उनके पूरे परिवार को कोल्हू मेें पीड़ दिया गया था। बाद में उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए दवाब डाला गया, लेकिन उन्होंने इस्लाम कबूल नहीं किया और अपने पूरे परिवार की आहूति दे दी। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों मनोहर सिंह, जीत सिंह, अमरीक सिंह, जसविन्द्र सिंह, जसवीरसिंह, सतनाम सिंह, गुरचरण सिंह, सहजप्रीत सिंह, कश्मीर सिंह, जसविन्द्र सिंह, सौरभ सहित बड़ी संख्या में सेवादार तैयारियों में जुटे हुए थे। आज समागम के समापन पर अमर शहीद बाबा मोतीराम मेहरा सभा श्रीगंगानगर के प्रधान श्यामलाल सोतरा, काबिल सिंह मेहरा, जोगेन्द्र सिंह व राहुल मेहरा प्रमुख रूप से शामिल हुए। कथावाचकों ने मेहरा समाज के लोगों को प्रेरणा देते हुए कहा कि बाबा मोतीराम मेहरा के सेवा के इतिहास से वे सीखें और अपने बच्चों को भी इतिहास के बारे में जानकारी दें ताकि सिख धर्म की स्थापना में कुर्बान होने वालों में मेहरा समाज की भूमिका के बारे में लोगों को जानकारी मिल सके।
