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एक हफ्ते से शहर में  बालक का अपहरण करने के लिए  घूम रहे थे दीपक और निखित

एक हफ्ते से शहर में  बालक का अपहरण करने के लिए  घूम रहे थे दीपक और निखित
– गोलगप्पे बेचने वाले के मोबाइल से बड़ी चतुराई से चुराया सिम कार्ड
– अपहरणकर्ताओं को व्हील चेयर  कोर्ट में पेश कर पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया
श्रीगंगानगर।
नशीले पदार्थ चिट्टा का नाश करने के आदी गांव खाट लबाना के 20 वर्षीय युवक दीपक उर्फ दीपू तथा निखित उर्फ लक्की विगत बुधवार की दोपहर 11:30 बजे रामदेव कॉलोनी की गली नंबर 9 में 8 वर्षीय बालक रुद्र का अपहरण करने से एक हफ्ता पहले से ही शहर में किसी भी बालक का अपहरण करने के लिए मोटरसाइकिल पर घूम रहे थे। उन्होंने एक हफ्ता पहले ही प्लानिंग कर ली थी कि किसी न किसी बालक का अपहरण कर उसके परिवार वालों से फिरौती के रूप में मोटी रकम मांगेंगे। पुलिस के मुताबिक अपनी इसी प्लानिंग को मूर्त रूप देने के लिए इन युवकों ने रुद्र का अपहरण करने से करीब एक हफ्ता पहले पुरानी आबादी निवासी दिनेश नामक युवक के मोबाइल फोन से सिम कार्ड उड़ा लिया था। दिनेश रहेडी पर गोलगप्पे बेचता है। उक्त दोनों आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन किसी को कॉल करने के बहाने से लिया और उसकी आंख बचाकर उसका सिम कार्ड निकाल लिया। सिम कार्ड हाथ में आने के बाद दोनों बड़ी शिद्दत से शहर की गलियों में घूमते हुए किसी बालक अगवा करने के लिए उपयुक्त मौके की तलाश में लग गए। उनकी नजर मंगलवार को रूद्र पर पड़ी जो गली में खेल रहा था। उन्होंने उसे खाने के लिए एक ट्रॉफी दी। अगले दिन बुधवार को पतंग दिलाने के बहाने उसको अगवा कर लिया। सदर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज व्हील चेयर पर कोर्ट में पेश किया। पूरे घटनाक्रम की तस्दीक  तथा वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का डाटा चेक करने के लिए 2 दिन का रिमांड लिया है।

पुलिस नहीं दे रही अधिकृत बयान

विगत बुधवार की दोपहर 11:30 बजे अगवा किया गया रूद्र 9 घंटे बाद ही कालूवाला बाईपास पर सकुशल मिल गया था। उसे अगवा करने वाले दोनों युवक भी मौके पर ही लोगों द्वारा पकड़ दिए गए थे। तीन दिन बीतने के बाद भी जिला पुलिस की तरफ से इस बड़े मामले में अधिकृत रूप से बयान जारी नहीं हुआ है कि  किस तरह से किन के प्रयासों से रुद्र सकुशल बरामद हुआ अथवा दोनों अपहरणकर्ता कैसे पकड़ में आए। दूसरी तरफ सोशल मीडिया में इन सब सवालों को लेकर तरह-तरह के मैसेज और वीडियो चल रहे हैं। पुलिस द्वारा स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने से बड़ा असमंजस बना हुआ है। अलबत्ता शहर की अनेक संस्थाएं और प्रतिष्ठित लोग बिना सचाई जाने  खुद जा- जाकर पुलिस अधिकारियों, पुलिस कर्मचारियों और दो युवकों को सम्मानित कर रहे हैं कि इनकी बदौलत रूद्र सकुशल अपहरणकर्ताओं कि चंगुल से मुक्त हो गया। सोशल मीडिया में अलग ही दावे चल रहे हैं। आज एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें कालूवाला बाईपास पर एक धर्मकांटा पर इकट्ठा हुए लोगों ने बताया कि उन्होंने रूद्र को अपहरणकर्ताओं से मुक्त करवाया था। उन्होंने ही बालक को और दोनों युवकों पूरी तरह से सकुशलतापूर्वक पुलिस के सुपुर्द किया था। इन लोगों ने दावा किया कि उस समय कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ जैसा कि पुलिस कह रही है कि दोनों आरोपी वहां से भागते हुए ओवरब्रिज की दीवार से गिर गए जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गए।एक आरोपी के हाथ में भी फ्रैक्चर हो गया है। उक्त लोगों के दावे से पुलिस के इस कथन पर भी सवालिया निशान लग गया है कि आखिर यह दोनों युवक इतनी बुरी तरह से चोटिल कैसे हो गए? शायद यही वजह है कि छोटी-मोटी पकड़-धकड़ और उपलब्धि के लिए तस्वीरें सहित लंबे चौड़े बयान(प्रेस नोट) जारी करने वाली जिला पुलिस ने रुद्र को अगवा करने और 10 लाख की फिरौती मांगने के बेहद गंभीर व बड़े मामले में तीन दिन बाद भी कोई बयान जारी नहीं किया।  

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