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पत्नी को संविदा नौकरी, सवा आठ लाख की सहायता और मामला ऑफिसर स्कीम में लेने की सहमति पर पोस्टमार्टम

पत्नी को संविदा नौकरी, सवा आठ लाख की सहायता और मामला ऑफिसर स्कीम में लेने की सहमति पर पोस्टमार्टम
श्रीगंगानगर, 21 दिसंबर। हनुमानगढ़ जिले में रावतसर थाना क्षेत्र के गांव चाइयां के एक अधेड़ द्वारा रूपयों के लेनदेन के विवाद के चलते जहरीली वस्तु का सेवन कर आत्महत्या करने के मामले में धरना दे रहे लोगों के साथ प्रशासन और पुलिस की आज दोपहर बाद सहमति बन गई। सहमति बनी है कि मृतक सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र की पत्नी को संविदा की नौकरी, आश्रितों को 8 लाख 25000 की सहायता राशि दी जाएगी और मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर त्वरित जांच कर अदालत में पेश किया जाएगा। कल शुक्रवार से मृतक के परिवारजन ग्रामीण और भीम आर्मी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र को मरने के लिए उकसाने के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, 20 लाख की सहायता राशि, पत्नी और बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया । आज दोपहर सहमति बनने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा कर लाश परिवार वालों के सुपुर्द कर दी। प्रशासन और पुलिस के साथ हुई वार्ता में रामदेव बेरवाल भीम आर्मी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य,सतपाल गोड भीम आर्मी हरियाणा प्रदेश महासचिव महासचिव ,सुनील भारतीय प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, एडवोकेट दयालाराम भाटी,आलोक बीबान जिलाध्यक्ष भीम आर्मी,सतपाल जगपाल जिला महासचिव,शैलेंद्र मेघवाल भीम आर्मी टिब्बी और  बसपा नेता दिलीप बिरट आदि शामिल हुए। शैलेंद्र उर्फ सुरेंद्र के पुत्र संदीप मेघवाल (23)निवासी चाइयां द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर राजपाल खीचड़ निवासी चाइयांं, जगदीश मेहरडा निवासी नानूवाला और मदन मास्टर निवासी बालासर तहसील रानिया जिला सिरसा (हरियाणा) पर उसके पिता को मरने के लिए उकसाने के आरोप में परसों शाम मुकदमा दर्ज किया गया था।संदीप ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने 2 महीने पूर्व राजपाल खीचड़ को जगदीश और मदन मास्टर के मार्फत 40 हजार रुपए का आलू का बीज उधार में दिलवाया था। राजपाल ने 10 दिन में रुपए देने थे लेकिन वह आजकल-आजकल करता रहा। उसने लगभग 10 दिन पहले 40 हजार रुपए देने से इनकार कर दिया और कहा कि अगर दोबारा रुपए मांगने की कोशिश की तो वह ऐसी घटना करेगा की जिंदगी में याद रखोगे।इस कारण उसके पिता अवसाद में आ गए। दो-तीन दिन पूर्व जगदीश और मदन मास्टर ने भी उसके पिता को धमकाया कि अगर 40 हजार रुपए लाकर नहीं दिए तो उसे 40 लाख रुपए चुकाने पड़ेंगे। रूपयों के इस लेनदेन के चलते अवसादग्रस्त उसके पिता ने परसों बुधवार को खेत में जाकर सल्फास की गोलियों का सेवन कर लिया। इससे पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखा। पता चलने पर उन्होंने पिता को रावतसर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया।बाद में इलाज के लिए श्रीगंगानगर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए, जहां कल गुरुवार को मृत्यु हो गई।पुलिस के अनुसार शैलेंद्र के शव को रावतसर के सरकारी अस्पताल में आज पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था।

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