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कालिया में अरोड़ा समाज की बैठक में मारपीट और हंगामा का मामला थाने में पहुंचा, सिडाना पिता-पुत्र पर केस दर्ज

कालिया में अरोड़ा समाज की बैठक में मारपीट और हंगामा का मामला थाने में पहुंचा, सिडाना पिता-पुत्र पर केस दर्ज
श्री अरोडवंश सनातन धर्म मंदिर (ट्रस्ट) के पूर्व अध्यक्ष रमेश मक्कड़ ने दर्ज करवाया मुकदमा

श्रीगंगानगर, 26 दिसंबर। हिंदूमलकोट मार्ग पर सदर थाना अंतर्गत कालियां गांव में अरोड़ा यश समाज सभा की बैठक में मारपीट तथा हंगामा होने का मामला पुलिस थाने में पहुंच गया है। श्रीगंगानगर में श्री अरोडवंश सनातन धर्म मंदिर (ट्रस्ट) के पूर्व अध्यक्ष रमेश मक्कड़ निवासी विनोबा बस्ती द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर सदर थाना पुलिस ने गांव कालियां निवासी अमित(32) तथा उसके पिता सुरेश सिडाना पर बैठक में आकर मारपीट, छीना-झपटी और हंगामा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। 67 वर्षीय रमेश मक्कड़ ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया है कि पिछले अनेक वर्षों से पौधारोपण का अभियान चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता और कालियां में अरोड़ा यश समाज सभा के अध्यक्ष शंकर सलूजा द्वारा विगत 15 दिसंबर को दोपहर 11 बजे गांव के श्री कृष्ण मंदिर में बैठक का आयोजन किया गया था। रमेश मक्कड़ के अनुसार वे खुद कालिया गांव के मूल निवासी हैं। बैठक में भाग लेने के लिए उनके साथ ही कालियां गांव के ही मूल निवासी और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के सेवानिवृत सहायक महाप्रबंधक मोहनलाल कुक्कड़ को भी आमंत्रित किया गया था। श्री मक्कड़ ने बताया कि बैठक में कालियां गांव की अरोड़ा यश समाज सभा के आगामी चुनाव के बारे में चर्चा की जानी थी। कार्यक्रम में पहुंचने पर उन्हें और श्री कुक्कड़ को मंचस्थ किया गया।बैठक में अमित सिडाणा और उसके पिता सुरेश सिडाना भी मौजूद थे, जिनके साथ उनका 1990 से कृषि भूमि का विवाद चल रहा है। इस विवाद के कारण पिता-पुत्र उससे रंजिश रखते हैं। अरोड़ा यश समाज सभा की बैठक की कार्यवाही चल रही थी, तभी उक्त पिता पुत्र जमीन की रंजिश को लेकर भड़क गए। दोनों वहां मौजूद लोगों को मारपीट के लिए उकसाते हुए उसे गालियां देने लगे। मंदिर परिसर में लोहे के पड़े पाइप जान लेवा हमला करने के लिए उठा लिए। उपस्थित लोगों में शंकर सलूजा, राधेश्याम मुंजाल, मदनलाल चुघ और विजय आदि ने उनसे पाइप छीन लिए तो आरोपियों ने गला दबाकर मारने की कोशिश की। लोगों ने बीच बचाव किया। रमेश मक्कड़ ने आरोप लगाया है की घटना के समय उन्होंने अपने गले में गुरुओं का चांदी की चेन में लगा चांदी का ही ताबीज पहन रखा था जिसे आरोपियों ने छीन लिया। यही नहीं आरोपियों ने मंदिर में रखा माइक स्टैंड उठा लिया और उसके सिर में करने की कोशिश की।अपने दोनों हाथ आगे कर उन्होंने  सिर को बचाया। शंकर सलूजा तथा राधेश्याम आदि ने उनसे माइक स्टैंड पकड़ लिया और उनको पीछे खींचकर बचाया। रमेश मक्कड़ ने आरोप लगाया है कि उक्त आरोपियों ने लगभग 50 मिनट तक रो के रखा और लोगों को जान से मारने के लिए भड़काया। आरोपी बार-बार उसकी तरफ लपकते रहे तो कभी पीछा करते रहे। मौके पर मौजूद लोगों ने न केवल उनका बचाव किया बल्कि उक्त लोगों से सुरक्षित बाहर निकाला। जब वे मीटिंग स्थल से जा रहे थे,तब भी आरोपी धमकी देते रहे कि वह उसे छोड़ेंगे नहीं। उल्लेखनीय है कि यह मामला 15 दिसंबर से ही अरोड़ा समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है। रमेश मक्कड़ की रिपोर्ट पर कल देर शाम को मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि सुरेश सिडाना के साथ गांव में कृषि भूमि को लेकर उनका 1990 से विवाद चल रहा है। यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। फिलहाल इस विवाद की सुनवाई श्रीगंगानगर की एक अदालत में हो रही है।उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को अरोड़ा यश समाज की बैठक मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल पूर्ण होने पर आगामी चुनाव के लिए बुलाई गई थी। चूंकि वे श्रीगंगानगर में श्री अरोडवंश सनातन धर्म मंदिर (ट्रस्ट) के पूर्व अध्यक्ष हैं। इस नाते उन्हें और कालिया गांव के प्रतिष्ठित नागरिक ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के रिटायर्ड एजीएम मोहनलाल कुक्कड़ को आमंत्रित किया गया था। उक्त घटनाक्रम को लेकर 16 दिसंबर को ही सदर थाना में रिपोर्ट दे दी गई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर पूरे विवाद के बारे में जानकारी ली और राजीनामा से मामला सुलझाने का प्रयास किया। पुलिस उक्त मीटिंग के दौरान मौजूद लोगों से अब पूछताछ कर रही है। मीटिंग में मौजूद मारपीट और हंगामे का मोबाइल से वीडियो तो नहीं बनाया था, इसका भी पुलिस पता लग रही है।

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