भाकपा ने 100वां स्थापना दिवस पर जन संघर्षों के साथ संगठन विस्तार और जनहित के मुद्दों को उठाने का आव्हान
श्रीगंगानगर 27 दिसंबर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने गुरुवार को 100वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जयपुर में कुमारानंद भवन, हथरोई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के वरिष्ठ नेता का. डीके. छंगानी ने झंडारोहण से की। राज्य सचिव नरेंद्र आचार्य ने उपस्थित सभी साथियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।इसके पश्चात कुमारानंद हॉल में पार्टी के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास और संघर्षों पर केंद्रित एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते राज्य सचिव नरेंद्र आचार्य ने बताया कि भाकपा ने स्वतंत्रता संग्राम और देश के मजदूरों, किसानों, छात्रों, महिलाओं, आदिवासियों, और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी इस शताब्दी वर्ष के दौरान राज्य, जिला, तहसील, और शाखा स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर अपने संघर्ष और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएगी।तारा सिंह सिद्धू ने राजस्थान में पार्टी के गठन और इसके संघर्षों की चर्चा करते हुए कहा कि पार्टी की स्थापना 1948-49 में भावा और कांकरोली में हुई थी। स्वामी कुमारानंद, दादा पोतकर, और केसरी जैसे नेताओं ने पार्टी के आंदोलन और विचारधारा को मजबूत किया।सुनीता चतुर्वेदी ने महिलाओं के अधिकारों और उनकी पार्टी में अग्रणी भूमिका की चर्चा करते हुए महिलाओं के संघर्षों को मजबूत करने का आव्हान किया।कुणाल रावत एटक के राज्य महासचिव ने मजदूर वर्ग के संघर्ष और पार्टी की भूमिका पर प्रकाश डाला।एमएल यादव ने संगठनात्मक स्थिति पर आत्मचिंतन करते हुए राजनीतिक चेतना के विकास पर जोर दिया।केंद्रीय श्रमिक संगठनों के नेता बीएम सुंडा, बिजली वर्कर्स फेडरेशन के केशव व्यास, अखिल भारतीय शांति एकजुटता संगठन के राज्य महासचिव रमेश शर्मा और समाजवादी नेता शैलेंद्र अवस्थी ने भी विचार गोष्ठी में भाग लिया। सभी ने पार्टी के संघर्ष और विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीके छंगानी ने वर्षभर चलने वाले शताब्दी कार्यक्रमों के माध्यम से राजनीतिक चेतना विकसित कर पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया।
