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गैस एजेंसी फर्म के चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर दुरुपयोग करने का मामला, प्रेम गोदारा के विरुद्ध एक और केस दर्ज

गैस एजेंसी फर्म के चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर दुरुपयोग करने का मामला, प्रेम गोदारा के विरुद्ध एक और केस दर्ज
– पूर्व मंत्री रवि सेतिया की पुत्रवधू ने दर्ज करवाया मुकदमा
श्रीगंगानगर। गैस एजेंसी में पार्टनरशिप विवाद के चलते चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर दुरुपयोग करने के आरोप में शातिर प्रेम गोदारा के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज हुआ है। राजस्थान पंजाबी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रवि सेतिया की पुत्रवधू शिखा (पत्नी डॉ. कपिल सेतिया) द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर प्रेम गोदारा निवासी बींझबायला के विरुद्ध भारतीय नई संहिता की धारा 318 (4),338 336(3),340(2) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है,जिसकी जांच कोतवाल सीआई पृथ्वीपालसिंह खुद कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार शिखा सेतिया ने दर्ज करवाए मुकदमे में बताया है कि उसकी और प्रेम गोदारा की बठिंडा (पंजाब) में स्थित फर्म ग्लोब इंडेन गैस सर्विस में 49 और 51 प्रतिशत की भागीदारी थी। दोनों पक्षों में विवाद होने पर प्रेम गोदारा ने फर्म का सारा रिकॉर्ड- अकाउंट बुक,चेक बुक, अन्य आस्तियां, सिलेंडर,महिंद्रा ट्रैक्टर आदि कार्यस्थल बठिंडा से उसकी सहमति के बिना उठाकर ले गया। उसने फर्म का पिकअप वाहन टाटा इंट्रा को भी हथियाने के लिए विगत 11 अगस्त को पदमपुर थाना में मुकदमा दर्ज करवाया, जिसमें पुलिस ने अंतिम प्रतिवेदन (एफआर) लगा दी। फिर प्रेम गोदारा ने 1 अक्टूबर को झूठे तथ्यों के आधार पर कोतवाली में एक और मुकदमा दर्ज करवाया जिसमें उस पर लगभग 86 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में भी एफ आर लगा दी। शिखा सेतिया के मुताबिक उसे विगत 19 अक्टूबर को एक अधिवक्ता द्वारा भेजा लीगल नोटिस मिला। इस नोटिस से पता चला कि प्रेम गोदारा ने उक्त गैस एजेंसी फर्म के एक चेक पर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर उसमें खुद या अपने किसी व्यक्ति से 22 लाख रुपए की राशि भरकर किसी को भुगतान करने के रूप में दे दिया। गैस एजेंसी का बैंक अकाउंट दोनों पक्षों के विवाद के चलते 26 जुलाई को ब्लॉक करवा दिया गया था। प्रेम गोदारा को बैंक अकाउंट ब्लॉक होने का पता था इसलिए उसने चैक पर पीछे की तारीख 11 जुलाई अंकित की। बैंक ने खाता ब्लॉक होने का नोट लगाकर चैक वापस भेज दिया। बैंक ने चेक नहीं किया कि उस पर किए गए हस्ताक्षर सही है या फर्जी। शिखा सेतिया के अनुसार उक्त निकल नोटिस का उसने 23 अक्टूबर को अपने अधिवक्ता के माध्यम से जवाब भेज दिया, जिसमें साफ तौर पर उल्लेख किया गया कि उक्त 22 लाख की कोई बकाया देनदारी अभियुक्त प्रेम गोदारा की तरफ नहीं है। उसके चैक पर हस्ताक्षर तथा अन्य कोई भी लिखाई उसकी नहीं है। जवाबी नोटिस में इस बात का विषय रूप से उल्लेख किया गया कि अगर कोई बकाया देनदारी थी तो फर्म के खाते का चैक कैसे दिया जा सकता है। देनदारी होती तो वह अपने व्यक्तिगत खाते का चेक जारी करती। प्रेम गोदारा के पास क्योंकि फर्म की चेक बुक थी, इसलिए उसने एक चेक पर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान के रूप में जारी कर दिया और बैंक में लगवा दिया। शिखा सेतिया के अनुसार उसने 25 अक्टूबर को बैंक को भी लिखा कि जब उक्त चेक कैश होने के लिए आया था तो उस पर किए हुए हस्ताक्षर का मिलान उसके वास्तविक हस्ताक्षरों से क्यों नहीं किया गया। बैंक वालों ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। शिखा सेतिया का आरोप है कि लीगल नोटिस का जवाब देने के बावजूद प्रेम गोदारा ने इस चैक के आधार पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पदमपुर की अदालत में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत परिवाद पेश कर दिया। जब उसने 16 दिसंबर को अदालत से परिवार की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त की तो पता चला कि अभियुक्त ने उक्त परिवाद कोर्ट में लगाते समय पूर्व में उसके द्वारा लीगल नोटिस का दिया गया जवाब संलग्न नहीं किया क्योंकि प्रेम गोदारा चाहता था कि अदालत बिना किसी जांच के उसके परिवाद पर प्रसंज्ञान ले लेवे। शिखा सेतिया के अनुसार अदालत से हासिल की चेक की प्रमाणित प्रतिलिपि पर किए  हस्ताक्षरों की उसने एक हैंडराइटिंग एक्सपर्ट अनिल गुप्ता फाजिल्का (पंजाब) को अपने असली हस्ताक्षर का नमूना देकर जांच करवाई तो उसने चेक पर किए हुए हस्ताक्षर को फर्जी होना बताया। शिखा सेतिया ने आरोप लगाया है कि उक्त पार्टनरशिप विवाद के चलते प्रेम गोदारा उसे और उसके परिवार वालों को पिछले काफी समय से धमकियां देकर मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। उसके ससुर रवि सेतिया को भी पिछले दिनों उसने धमकी दी थी जिसका मुकदमा दर्ज करवाया गया था। शिखा सेतिया बताया है कि प्रेम गोदारा के विरुद्ध 20 प्रकरण विभिन्न व्यक्तियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर दर्ज करवाए गए हैं। वह पेशेवर और आदतन अपराधी है।गैस एजेंसी एवं पेट्रोलियम कंपनियों के संबंध में विभिन्न व्यक्तियों से अनुबंध कर उनके साथ धोखाधड़ी करता है। उल्लेखनीय है कि प्रेम गोदारा ने शिखा सेतिया, डॉ. कपिल सेतिया और रवि सेतिया पर 86 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके बाद से दोनों तरफ से आरोप- प्रत्यारोप में मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कोतवाली में बयान दर्ज करवाने जाने पर पुलिस ने प्रेम गोदारा को शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

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