उस रात पाकिस्तान ड्रोन ने लगाए थे तीन चक्कर
अज्ञात लोगों पर वायुयान अधिनियम में मामला दर्ज
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरनपुर सेक्टर में दो दिसंबर को मिले पाकिस्तान के एक ड्रोन ने भारतीय क्षेत्र में तीन चक्कर लगाए थे। इस ड्रोन से पाकिस्तानी तस्करों ने हैरोइन के पैकेट गिराए या पिस्टल इसका खुलासा नहीं हुआ,लेकिन अब बीएसएफ की ओर से अज्ञात व्यक्तियों पर भारतीय वायुयान अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है।पुलिस के अनुसार श्रीकरनपुर सेक्टर में तैनात सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ की 77-वीं बटालियन के एक इंस्पेक्टर रविंदरकुमार द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी जांच थाना प्रभारी सीआई सुरेंद्र कुमार प्रजापति कर रहे हैं। श्रीकरणपुर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल की शेखसरपाल बॉर्डर पोस्ट से लगते चक 9-एफ के एक खेत में 2 दिसंबर को एक ड्रोन मिला था।एक किसान द्वारा सूचना दिए जाने पर बीएसएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ड्रोन को अपने कब्जे में कर लिया।पुलिस सूत्रों के अनुसार ड्रोन को बीएसएफ की जोधपुर स्थित फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया। फॉरेंसिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस ड्रोन ने एक और दो दिसंबर की रात को शेखसरपाल बॉर्डर पोस्ट के आसपास के इलाके में पाकिस्तान की ओर से भारतीय क्षेत्र में तीन बार उड़ान भरी थी। तीसरी उड़ान के दौरान ड किसी तकनीकी खराबी अथवा नेटवर्क गड़बड़ी के कारण ड्रोन गिर गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह ड्रोन कम क्षमता का है। जब यह ड्रोन मिला, तब बीएसएफ और खुफिया एजेंसियों ने आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। भारतीय तस्कर, पाकिस्तानी तस्करों से ड्रोन द्वारा अधिकांशतः हैरोइन के पैकेट ही गिराए जाते हैं। श्रीगंगानगर जिले से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले तीन वर्षों में करोड़ों रुपए मूल्य की पाकिस्तानी हैरोइन पकड़ी गई है। मगर पिछले दिसंबर महीने में श्रीकरनपुर सेक्टर में ही एक खेत में पाकिस्तान ड्रोन से गिरे पैकेट में दो विदेशी पिस्टल भी बरामद हुए। साथ लगते केसरीसिंहपुर थाना इलाके में भी इसी प्रकार दो पिस्टल मिले थे। इस मामले में पुलिस ने एक स्थानीय व्यक्ति को पकड़ा भी लेकिन चेक 9- एफ के खेत में 2 दिसंबर को मिले ड्रोन के बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है कि इसके जरिए हैरोइन के पैकेट गिराए गए या पिस्टल। अब पुलिस 2 दिसंबर और उससे कुछ दिन पहले के शेखसरपाल बॉर्डर पोस्ट से लगते मोबाइल फोनों के टावरों का डंप रिकॉर्ड लेकर संदिग्ध मोबाइल नंबरों का पता लगाने का प्रयास करेगी। इसी से ही भारतीय क्षेत्र के संदिग्ध व्यक्तियों का पता चलने की संभावना है।
