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श्रीगंगानगर में अज्ञात बदमाशों द्वारा सरेआम बालक का अपहरण, वीडियो भेज कर 10 लाख की फिरौती मांगी

श्रीगंगानगर में अज्ञात बदमाशों द्वारा सरेआम बालक का अपहरण, वीडियो भेज कर 10 लाख की फिरौती मांगी
– जिले के सभी पुलिस थानों की टीम में कर रही है बालक और अपहरण कर्ता कि तलाश
– हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों के अलावा पंजाब व हरियाणा की पुलिस को भी किया अलर्ट
श्रीगंगानगर।
श्रीगंगानगर में सदर थाना अंतर्गत चक 5-ई छोटी में रामदेव कॉलोनी में आज दोपहर मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाश गली में खेल रहे 8 वर्ष के एक बालक को अगवा कर ले गए। अपहरणकर्ताओं ने कुछ ही देर बाद बालक का 7 सेकंड का एक वीडियो उसके एक जानकार को भेज कर परिवार से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी है। इससे जहां बालक के परिवार में चिंता व्याप्त है। वही पूरे जिले की पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। बालक की सकुशल रिहाई और अपहरणकर्ताओं को दबोचने के लिए जिले के सभी पुलिस थानों के प्रभारी को इस काम पर लगा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक गौरव यादव खुद इस मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। साथ लगते हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों की पुलिस भी नाकाबंदी कर अपहरणकर्ताओं हूं की तलाश कर रही है। समीपवर्ती पंजाब तथा हरियाणा की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है। बालक के एक परिवारजन द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात लोगों पर फिरौती के लिए अपहरण करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामदेव कॉलोनी की गली नंबर 9 निवासी करण शर्मा का पुत्र रूद्र  आज दोपहर 11:30 बजे घर के बाहर गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। तभी बिना नंबरी मोटरसाइकिल पर दो युवक आए।उन्होंने रूद्र को इशारा कर अपने पास बुलाया। रुद्र जब उक्त युवकों के पास गया तो उन्होंने उसे पकड़कर मोटरसाइकिल पर अपने बीच बिठा लिया और तुरंत ही वहां से भाग निकले। आसपास खड़े लोगों ने रूद्र को उक्त युवकों के साथ जाते देखा तो उनको लगा कि युवक उसके जानकार होंगे।मगर लगभग आधे घंटे बाद परिवार वाले रूद्र को तलाश करने लगे तो वह नहीं मिला। पुलिस को इस घटना की सूचना दोपहर करीब 12:20 बजे दी गई। जिस पर तुरंत ही पूरे इलाके में नाकाबंदी करवा दी गई। सदर थाना पुलिस ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल तथा परिवार वालों से पूछताछ की तो मामला बेहद गंभीर लगा,जिस पर उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। तत्पश्चात सदर थाना पुलिस की मदद के लिए शहर के बाकी सभी थानों की पुलिस को भी बालक की तलाश के लिए लगा दिया गया। पुलिस की अनेक टीम में करण शर्मा के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को चेक करने लगीं। कुछ ही देर में कैमरों में सफेद,ब्लैक और पीले रंग की हूड्डी पहने हुए रूद्र शर्मा मोटरसाइकिल पर दो युवकों के बीच बैठा दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक मोटरसाइकिल काले रंग का सीडी डॉन पुराने मॉडल का है। मोटरसाइकिल पर रूद्र शर्मा के पीछे बैठे युवक ने पीठ पर बैग भी टंगा है। कुछ ही देर में अपहरणकर्ताओं द्वारा रूद्र शर्मा को मोटरसाइकिल पर ले जाते के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज फोटो और रूद्र शर्मा की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो गईं। पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस की कई टीमें जहां बालक और अपहरणकर्ता हूं की तलाश में लगी हैं, वहीं आलाधिकारी पता लगाने में लगे हैं कि करण शर्मा की किसी के साथ कोई रंजिश या दुश्मनी अथवा कोई पारिवारिक विवाद तो नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है। अपहरण का यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया, जब अपहरण के लगभग 2 घंटे  बाद रुद्र का 7 सेकंड का एक वीडियो उसके घर के नजदीक एक प्रतिष्ठान के संचालक के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पहुंचा। इसके साथ ही रुद्र के परिवार वालों के पास अपहरणकर्ताओं का फिरौती के लिए फोन कॉल आया। पुलिस के अनुसार 10 लाख की फिरौती मांगी गई है। करण शर्मा के परिवार के एक सदस्य भारत भूषण द्वारा दी गई रिपोर्ट पर फिरौती के लिए अपहरण करने के आरोप में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वीडियो में रुद्र एक रेतीली जगह पर खेलते हुए दिख रहा है। वीडियो बैक साइड से बनाया गया है। यह वीडियो भेज कर अपहरणकर्ताओं ने अपने इरादे बिल्कुल जाहिर कर दिए हैं कि उन्होंने फिरौती के लिए ही अपहरण किया है और रुद्र उनके पास सकुशल है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता रूद्र को सकुशल बरामद करने की है। लिहाजा पुलिस की टीम में जहां सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर रही हैं,वहीं अपहरणकर्ताओं द्वारा भेजे गए वीडियो से भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि रुद्र किस इलाके में हो सकता है। पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी थाना प्रभारी को अलर्ट किया गया है।सभी थानों के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में बालक व अपहरणकर्ताओं हूं की तलाश कर रहे हैं। हनुमानगढ़ व बीकानेर जिलों की पुलिस भी सतर्क की गई है। पंजाब और हरियाणा की पुलिस को भी बालक और अपहरणकर्ताओं के फोटो व वीडियो भेजे गए हैं। देर शाम तक बालक का कुछ पता नहीं चलने से परिवार वालों की चिंता जहां बढ़ती जा रही थी,वहीं पूरा पुलिस महकमा भी  भागदौड़ करने में लगा हुआ था। श्रीगंगानगर में कई वर्षों बाद फिरौती के लिए बालक को अगवा करने का यह मामला सामने आया है। पुलिस इस मामले को इस दृष्टि से भी देख रही है कि कहीं बालक के अपहरण की वजह कुछ और तो नहीं है और अपहरणकर्ताओं ने फिरौती मांग कर वास्तविक वजह से ध्यान भटकने की कोशिश तो नहीं की है।

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