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प्रस्तावित मिनी सचिवालय स्थल पर महिला से दुष्कर्म!

प्रस्तावित मिनी सचिवालय स्थल पर महिला से दुष्कर्म!

अनेक वर्षों से करोड़ों खर्च कर अधूरी निर्मित टैक्स बिल्डिंग से चोरी हो चुका है लाखों का सामान, चोरों का पता नहीं

श्रीगंगानगर। पुरानी शुगर मिल वाली लगभग 108 बीघा जमीन में एक तरफ करोड़ों रुपए की लागत से नए कोर्ट कांप्लेक्स का निर्माण बड़ी तेजी से हो रहा है,वही राज्य सरकार द्वारा बजट नहीं देने से आबकारी एवं कराधान भवन(एक्साइज एंड टैक्स बिल्डिंग) का निर्माण 4 वर्षों से अटका हुआ है। यहीं पर राज्य सरकार ने मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा 2019 में की थी। कुछ पता नहीं है कि कब मिनी सचिवालय का निर्माण शुरू होगा। यहां पर सरकारी स्कूल भी खंडहर जैसी हालत में है। आसपास मिट्टी और मलबे के ढेर लगे हैं। स्कूल के आगे छोटे से मैदान में बच्चे क्रिकेट खेलते हैं। मिनी सचिवालय प्रोजेक्ट प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों तरफ से अपेक्षा का शिकार है। आधी अधूरी टैक्स बिल्डिंग से लाखों का सामान चोरी हो चुका है, क्योंकि इसकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। अब इसी जगह एक विवाहिता से दुष्कर्म होने की घटना सामने आई है। यहां झाड़ियां और पेड़ों के नीचे नशा करने वाले युवकों का भी जमावड़ा लगा रहता है। पास में मौसम विभाग रोड ओवरब्रिज के आसपास नशा बेचने और खरीदने वालों की रात दिन आवाजाही रहती है। अनेक नशेड़ी युवकों के शव भी इसी इलाके में बरामद हुए हैं। दुष्कर्म की घटना को लेकर स्थानीय सदर थाना में एक हफ्ता पहले मामला दर्ज हुआ लेकिन तीन दिन बाद ही पीड़िता ने पुलिस को लिखकर दिया कि वह मुकदमे में कोई कार्यवाही नहीं चाहती। पीड़िता का दुष्कर्म करने वाले युवक से कथित रूप से राजीनामा हो गया,लेकिन उसके द्वारा पुलिस को दी गई रिपोर्ट से यह चौका देने वाली बात तो सामने आ गई कि यहां पर चोरी- चकारी, नशाखोरी और छीना झपटी की ही घटनाएं ही नहीं बल्कि दुष्कर्म भी होते हैं।

पीड़िता ने कर लिया राजीनामा!

पुलिस सूत्रों के मुताबिक लगभग 27 वर्षीय पीड़िता ने सदर थाना क्षेत्र के ही गांव कालियां के एक युवक पर शादी करने का झांसा देकर देहशोषण करने का आरोप लगाया। इस युवक का श्रीकरणपुर में विवाहित इस युवती के घर आना जाना था क्योंकि वह उसके पति का दोस्त था। युवती की शादी 2021 में हुई थी। उसके एक बच्चा है। युवती का आरोप है कि कालियां निवासी युवक ने शादी करने का झांसा देकर अपने प्रभाव में ले लिया। वह उसे कालिया में अपने घर भी ले आया। परिवार वालों से मिलवाया।उसके परिवार वालों ने भी कहा कि वे उसकी शादी करवा देंगे।मगर वह अपने पति से तलाक ले ले। युवती के मुताबिक उसने वर्ष 2023 में पंचायती तौर पर पति से तलाक भी ले लिया। कालियां निवासी युवक उसे फोन कर अपने घर बुला लेता था। उसने उसके अश्लील वीडियो और फोटो बना लिए जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर यौन शोषण करने लगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि विगत दिसंबर महीने में वह श्रीगंगानगर आई थी।वह गुरुनानक बस्ती नजदीक कबीर चौक में थी, तभी कालिया निवासी युवक उसे पास में ही मिनी सचिवालय वाली जगह पर ले गया और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए इस आशय के प्रार्थना पत्र के आधार पर सदर थाना ने मुकदमा दर्ज कर अभी जांच शुरू ही की थी कि तीन दिन बाद ही पीडिता श्रीकरणपुर निवासी एक अन्य युवती के साथ थाने में आई और लिखित में दिया कि वह इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं जाती। लिहाजा पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया ही नहीं। अगर पुलिस जांच आगे बढ़ती तो पीड़िता को उन सभी जगहों पर लेकर जाती जहां-जहां उससे दुष्कर्म हुआ। पुलिस उसे प्रस्तावित मिनी सचिवालय वाली जगह पर भी लेकर जाती। आरोपी युवक से कथित रूप से राजीनामा होने के कारण युवती ने मामले को आगे नहीं बढ़ाया नहीं तो यह भी खुलासा होता कि मिनी सचिवालय में उसके साथ कहां दुष्कर्म हुआ था। आरोपी उसे टैक्स बिल्डिंग में ले गया था या पास में ही किसी सूनी जगह पर। पीड़िता के राजीनामा कर लेने से पुलिस की फाइल में तो यह मामला आगे नहीं बढ़ने के कारण दब गया, लेकिन इससे यह तो खुलासा हो ही गया कि प्रस्तावित मिनी सचिवालय वाली जगह पर अन्य अपराधों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं भी होती हैं।

बजट दिलाने में किसी की दिलचस्पी नहीं!

विभागीय जानकारी के मुताबिक  2018 में एक्साइज एंड टैक्स बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ था। राज्य सरकार ने लगभग 10 करोड़ का बजट मंजूर किया। निर्माण एजेंसी आरएसडीसी इस बजट से जी+ 9 प्लोर बिल्डिंग का निर्माण शुरू कर दिया। बिल्डिंग का पूरा ढांचा बन गया लेकिन अगले चरण के लिए सरकार से बजट नहीं मिला। विभागीय सूत्रों के अनुसार बिल्डिंग का निर्माण पूर्ण करने के लिए 27 करोड़ का बजट सरकार से मांगा हुआ है जो कि मिल नहीं रहा। इस वजह से बिल्डिंग का काम रुका हुआ है। अभी तक अर्ध निर्मित बिल्डिंग आरएसडीसी के पास ही है। इसकी सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड लगाए गए थे लेकिन बजट नहीं होने के कारण गार्ड को भी हटा लिया गया् इसके बाद यहां चोरियां होने लगीं। लगभग 2 महीने पहले जवाहर नगर थाना में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था कि बिल्डिंग से लगभग 30 लाख का सामान चोरी हो गया है। पुलिस चोर का पता नहीं लगा पाई ।अभी भी बिल्डिंग की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। इस बिल्डिंग में स्टेट जीएसटी और सेल टैक्स के दफ्तरों के अलावा आबकारी विभाग का ऑफिस भी शिफ्ट होना है। मगर यह कब होगा, कोई अंदाजा नहीं है। प्रदेश में सरकार कांग्रेस की रही हो या भाजपा की, शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इस प्रोजेक्ट के लिए राजनीतिक दिलचस्पी  कोई भी नहीं दिख रहा। मिनी सचिवालय का शिलान्यास 2019 में श्रीमती वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री रहते एक भव्य समारोह में किया था।

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