गंगा कैनाल की एलएनपी नहर में आया कटाव
कटाव पाटने और ढाणी बचाने में जुटे किसान
श्रीगंगानगर। गंग कैनाल की 330 क्यूसेक पानी क्षमता की एलएनपी नहर में गांव मांझवास से आगे आज शाम चक 50 एलएनपी के पास लगभग 25 फुट का कटाव हो गया। नहर टूटने का पता चलने पर आसपास के गांव और धनिया के किसान तुरंत ही नहर पर पहुंच गए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और गं कैनाल के प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविंदरसिंह गिल को नहर के टूटने की सूचना दी। इस पर फौरन ही नहर के कटाव को बढ़ने के लिए जेसीबी मशीनों का इंतजाम किया गया।जैसे-जैसे मशीनें पहुंचती गईं, किसान नहर को बांधने में लग गए। प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविंदरसिंह गिल ने देर रात बताया कि तीन जेसीबी मशीनों से नहर को बांधने का काम बड़ी तेजी से चल रहा है।मौके पर अनेक किसान इस काम में लगे हुए हैं।उन्होंने संभावना व्यक्त की कि देर रात तक नहर को बांध दिया जाएगा। नहर टूटने का कारण इसके किनारों में साही (सेह) द्वारा बिल बना लेना माना जा रहा है।श्री गिल के मुताबिक नजदीक ढाणी में रहने वाले एक परिवार ने बताया है कि नहर के किनारों में सहयोग ने अनेक बिल बना लिए थे। आज नहर टूटने के समय इसमें करीब 315 क्यूसेक पानी चल रहा था। इस कारण पानी का प्रवाह काफी तेज था। नहर टूटते ही पानी तेजी से पास के खेतों में फैलने लगा। पास में ही एक ढाणी है। पानी उसकी तरफ बढ रहा है।किसान इस ढाणी को बचाने में भी लगे हुए हैं। खेतों में पानी जाने के कारण फसलों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है।
