पतंग उड़ाकर और मुख मीठाकर मनाई मकर संक्रांति
– मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी ने दी शुभकामनाएं
श्रीगंगानगर। आबू रोड में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन में आज मकर संक्रांति मनाई गई। इस दौरान मुख्य प्रशासिका रतन मोहिनी ने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देकर पतंग उड़ाई। साथ ही सभी का मुख मीठा कराया गया।इस दौरान अतिरिक्त महासचिव करुणा भाई ने कहा कि मकर संक्रांति आपसी प्यार और भाईचारा बढ़ाने का त्यौहार है। यह त्यौहार हमें संदेश देता है कि जीवन एक पतंग की तरह है। हम जितना मन से हल्के रहेंगे उतना उड़ते रहेंगे अर्थात मन से प्रसन्न और खुश रहेंगे।
ऊषा दीदी ने कहा कि मकर संक्रांति के समय सूर्य उत्तरायण होता है, जो प्रकाश, ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक है। यह आत्मा के अज्ञान (तमोगुण) से ज्ञान (सतोगुण) की ओर बढ़ने का समय है। आत्मा को अपने भीतर के अंधकार से बाहर निकालकर सत्य के प्रकाश में लाने का अवसर है। गीता दीदी ने कहा कि यह पर्व आत्मा के अंदर की नकारात्मक प्रवृत्तियों, जैसे क्रोध, ईर्ष्या और लोभ को समाप्त कर सकारात्मक गुणों, जैसे शांति, प्रेम और खुशी को धारण करने की प्रेरणा देता है। डॉ. सविता दीदी ने कहा कि मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का उपयोग किया जाता है, जो मीठे और दृढ़ संस्कारों का प्रतीक है। जो दूसरों के प्रति मधुरता और करुणा का व्यवहार रखने का संदेश देता है।पंजाब जोन की निदेशिका उत्तरा दीदी ने कहा कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश यह संदेश देता है कि आत्मा को अपने जीवन का उद्देश्य समझकर, ईश्वरीय मार्गदर्शन में चलते हुए, अपने उच्चतम लक्ष्य आत्मिक उन्नति की ओर बढ़ना चाहिए।इस मौके पर विशेष रूप से प्रेम दीदी, हंसा दीदी, बिंदू दीदी, बीके आत्मप्रकाश भाई और प्रकाश भाई सहित बड़ी संख्या में भाई-बहनें मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति मनाई।
