कॉटन फैक्ट्री के कर्मचारी पर धर्मकांटा में सेटिंग कर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप
– कर्मचारी पर 4 लाख रुपए गायब करने का भी शक
श्रीगंगानगर। हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में एक कॉटन फैक्ट्री के कर्मचारियों पर धर्मकांटा की मशीनरी में सेटिंग कर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इस कर्मचारी पर फैक्ट्री के पार्टनर ने ऑफिस की अलमारी से चार लाख रुपए गायब करने का भी शक जाहिर किया गया है।पुलिस के मुताबिक महावीर प्रसाद अग्रवाल (74) निवासी वार्ड नंबर 7 संगरिया द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर फैक्ट्री के एक कर्मचारी गुरदास बाजीगर निवासी डबली पर कुछ अन्य व्यक्तियों बूटासिंह पुत्र गुरजंटसिंह निवासी नूरपुर, परमजीत पुत्र कालूराम निवासी डबली, ईशान पुत्र अमीन खान निवासी उदयपुर गोदारान, सूरतगढ़ आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर तेजवंत सिंह कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक महावीरप्रसाद अग्रवाल ने बताया है कि संगरिया में सालीवाला रोड पर प्रतापचंद्र महावीर प्रसाद के नाम व प्रतीक के अधीन उसकी कॉटन फैक्ट्री है, जिसमें वह पार्टनर है। फैक्ट्री की सार संभल उसका बेटा विजय करता है।फैक्ट्री में धर्म कांटा लगा रखा है, जहां नरम बेचने आने वाले किसानों के वाहनों की तुलाई की जाती है। तुलाई के बाद माल को फैक्ट्री के अंदर रखा जाता है। महावीर प्रसाद के अनुसार उसके पुत्र विजय ने धर्मकांटा पर काम करने के लिए गुरदास बाजीगर को विगत 30 नवंबर को रखा था। वह 7 दिन बाद ही 7 दिसंबर की रात 8 बजे बिना बताए चला गया। गुरदास द्वारा नरमा की ट्रालियों को तुलवाकर माल को फैक्ट्री के अंदर रखवाया गया था। उसी ने फैक्ट्री के ऑफिस से किसानों को भुगतान करवाया था। महावीर प्रसाद के अनुसार गुरदास ने अपने तीन जानकारों बूटासिंह, परमजीत तथा ईशान के अलावा अन्य अनेक व्यक्तियों का 30 नवंबर से 7 दिसंबर के दौरान फैक्ट्री में लगभग 40 ट्रॉली नरमा माल रखवाया था। गुरदास ने अपने जानकारों के साथ मिलकर उसकी फैक्ट्री के ऑफिस में रखी आलमारी से 4 लाख रुपए चोरी कर ले गया। उन्होंने इधर-उधर पता किया तो जानकारी हुई कि गुरदास पहले चुघ इंडस्ट्रीज डबली में काम करता था। वहां भी गुरदास ने रूपयों की हेरा फेरी की थी। जब उनको धर्मकांटा को लेकर शक हुआ तो उन्होंने इसकी जांच करवाई। जांच करने पर पता चला कि धर्मकांटा एक बार में करीब पांच किंवटल वजन अधिक दर्शाता था। इसे सही करवाने के लिए मिस्त्री को बुलाया गया तो उसने बताया कि धर्मकांटा में सेटिंग की हुई थी कि कम वजन को 5 किवंटल अधिक दिखाया जा सके। इस प्रकार गुरदास ने बूटासिंह, परमजीत और ईशान की 40 ट्रॉलियों में करीब 200 क्विंटल नरमा की ठगी भी की है। उसने जब उक्त आरोपियों से पूछा तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह सब तकनीक का खेल है। वह उनका कुछ नहीं कर सकता।
