करोड़ों के साइबर फ्रॉड मामले में इंडियन ओवरसीज बैंक की हनुमानगढ़ शाखा का मैनेजर गिरफ्तार
– साइबर ठगी करने वालों को बैंक अकाउंट खुलवाने में करता था मदद
श्रीगंगानगर। हनुमानगढ़ पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक मामले में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा के मैनेजर को गिरफ्तार किया है जो कि साइबर फ्रॉड करने वालों को बैंक खाते खुलवाने में मदद करता था। हनुमानगढ़ के पुलिस अधीक्षक अरशद अली ने आज बताया कि हनुमानगढ़ में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा के मैनेजर सोनू वर्मा निवासी अनूपशहर थाना भादरा जिला हनुमानगढ़ को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि सोनू वर्मा बैंक में बिना कस्टमर के आए बिना ही उसके नाम से बैंक अकाउंट खोलने में साइबर फ्रॉड करने वालों की मदद करता था। वह नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में होल्ड करवाई गई रकम को अवैध तरीके से विड्रोल करवाने में भी साइबर फ्राॅडसर्स का सहयोग करता था्श। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में होल्ड रकम से कस्टमर को बिना बताए ही उसका बीमा भी कर देता था। पुलिस ने सोनू वर्मा को जिस साइबर फ्रॉड प्रकरण में गिरफ्तार किया है, उसमें पांच आरोपी आकाशदीप जटसिख (28) निवासी चक 01- आरबी फकीरवाली थाना पदमपुर जिला श्रीगंगानगर, आदित्य वाल्मीकि (23) निवासी जीजीएस स्कूल के पीछे हनुमानगढ़ जंक्शन,जाकिर हुसैन (30) निवासी वार्ड नंबर 44 बरकत कॉलोनी हनुमानगढ़ टाउन, कैलाश खीचड़ (26) निवासी वार्ड नंबर 4 पक्का सहारण थाना हनुमानगढ़ सदर और निर्देश बिश्नोई (27) निवासी वार्ड नंबर 7 अबोहर रोड बस अड्डा के पीछे, संगरिया जिला हनुमानगढ़ को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक इनमें आदित्य वाल्मीकि बैंक में एक महिला सफाई कर्मी का बेटा है। वह भी बैंक अकाउंट खुलवाने में मदद करता था। अकाउंट खोलने पर यह गिरोह बैंक से मिलने वाली चेक बुक, पासबुक,एटीएम की किट ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाले बड़े शातिर अपराधियों को पहुंचा देता था। बैंक अकाउंट में ऑनलाइन ठगी की रकम जमा होने पर उसे चेक, एटीएम या फिर क्रेडिट कार्ड के जरिए निकाल लिया जाता था। पुलिस अधीक्षक के अनुसार इस गिरोह से पिछले दिनों विभिन्न बैंकों की 60 पासबुक/चेक बुक, 32 एटीएम/डेबिट कार्ड, 11 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड 7 रबड़ की फर्जी स्टांप मोहरें बरामद की गई थीं। इस गिरोह द्वारा बड़े साइबर अपराधियों को दिए गए बैंक अकाउंट्स में लगभग 26 करोड रुपए का लेनदेन पाया गया है। पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया कि फर्जी ट्रेडिंग एप बनाकर सोशल मीडिया साइट टेलीग्राम के जरिए लोगों को शेयर मार्केट में पैसा लगाने का लगाने का झांसा देते थे। साथ ही अवैध गेमिंग,क्रिप्टोकरंसी फ्रॉड और यूएसडीटी के जरिए भी म्यूल/ फर्जी खातों में लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा कर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
