फर्जी दस्तावेजों से अवैध कंपोजिट शराब की दुकानों का संचालन कर 22 लाख की सरकारी राशि का गबन
– दो दुकानों के लाइसेंसधारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
– जिले में ऐसी और शराब की दुकान होने की आशंका?
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर जिले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध शराब की कंपोजिट दुकानें चलने और लाखों रुपए की सरकारी राशि का गबन किये जाने का एक बड़ा मामला सामने आया है।जिले के अनूपगढ़ थाना क्षेत्र की दो दुकानों में 22 लाख से अधिक की राशि का गबन आबकारी विभाग द्वारा प्रारंभिक रुप से की गई जांच में सामने आया है। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग के उच्चाधिकारी जिले की बाकी दुकानों की जांच पड़ताल करने में जुट गए हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिले में इस प्रकार से अवैध कंपोजिट शराब की दुकान चलाने और इसके जरिए लाखों रुपए के सरकारी धन का गबन किए जाने के अन्य मामले सामने आने से फिलहाल इनकार नहीं किया जा सकता। आबकारी विभाग के अनूपगढ़ वृत के एक इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार निवासी पिलानी ने चक 72 जीबी और गांव बांडा कॉलोनी की दो कंपोजिट दुकानों में 22 लाख से अधिक की राशि का गबन करने के आरोप में रायसाहब तथा गुरमनसिंह आदि के खिलाफ कल देर रात को मुकदमा दर्ज करवाया। इसकी जांच खुद थाना प्रभारी सीआई अनिल कुमार कर रहे हैं।इस मामले में बीकानेर जोन के अतिरिक्त आयुक्त आबकारी रियाजुदीन उस्मानी ने बताया कि 2 देशी मदिरा कंपोजिट दुकानों के गबन का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि जिले भर में विभाग द्वारा बड़े स्तर पर जांच की जा रही है। जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
अनूपगढ़ क्षेत्र के गांव बांडा कॉलोनी और चक 72 जीबी में स्थित देशी मदिरा कंपोजिट दुकानों के अनुज्ञाधारियों पर गबन का आरोप लगाते हुए अनूपगढ़ आबकारी निरीक्षक प्रशांत कुमार के द्वारा अनूपगढ़ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। आबकारी निरीक्षक ने पुलिस को बताया कि गांव बांडा कॉलोनी की देशी मदिरा कंपोजिट दुकान के द्वारा करीब 15 लाख रुपए और चक 72 जीबी की फार्म के द्वारा 7.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है।
आबकारी निरीक्षक प्रशांत कुमार ने मामला दर्ज करवाया है कि 17 जनवरी 2025 को राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल डिपो अनूपगढ़ प्रभारी विकास स्वामी के द्वारा उन्हें सूचना मिली थी की अनूपगढ़ के गांव बांडा कॉलोनी और चक 72 जीबी में स्थित देशी मदिरा कंपोजिट दुकान के खाते में अचानक बड़ी राशि जमा हुई है जो संदेहास्पद है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 19 जनवरी को जब मामले की जांच की गई तो गांव बांडा कॉलोनी और चक 72 जीबी की देशी मदिरा कंपोजिट दुकानों के अनुज्ञाधारियों के द्वारा धरोहर राशि, आवेदन फीस, भांग की राशि, पेंडिंग रिकवरी आरआईएसएल फीस के चालानों के कूटरचित दस्तावेज बनाकर उन्हें दोबारा काम में लेकर मदिरा निर्गम खाते में वेरीफाई कर सरकारी राशि का गबन किया गया है।विभाग के साथ धोखाधड़ी करते हुए मदिरा का उठाव किया गया है।
