कथित मुस्लिम धर्म गुरु पर विदेश भेजने के नाम पर अनेक लोगों से लाखों की ठगी करने का आरोप, मुकदमा दर्ज
श्रीगंगानगर। एक मुस्लिम धर्म गुरु पर विदेश भेजने के नाम पर अनेक लोगों से लाखों की ठगी करने के आरोप में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार गांव कीकरवाली निवासी सलमान द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर रफीक मियां निवासी कुम्हारी कला के पास टाकला तहसील बिलासपुर जिला रामपुर, उत्तर प्रदेश तथा उसके पुत्र सहित अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को रिपोर्ट देते सलमान ने बताया कि रफीक अपने आप को मुसलमान का धर्म गुरु बताता था। वह उनके गांव आता-जाता था और गांव के लोग उसे पर विश्वास करने लगे थे। वह गांव से गेहूं आदि इकट्ठा कर ले जाया करता था। विगत 9 अक्टूबर 24 को रफीक उनके गांव आया और उनके घर रुका। सलमान के मुताबिक वह 12वीं तक शिक्षित है और रोजगार की तलाश में था। रफीक ने कहा कि वह उसे हांगकांग भिजवा देगा। वहां 15000 डॉलर प्रति महीने वेतन मिलेगा। इसके लिए सात लाख रुपए देने पड़ेंगे।आधे रुपए हांगकांग जाने से पहले और आधे रुपए वहां जब वेतन मिलने लगे तो प्रति महीने के हिसाब से देने के लिए रफीक मियां ने कहा। सलमान के अनुसार उसे रफीक मियां की बात पर विश्वास हो गया। अगले दिन 10 अक्टूबर को उसने अपने पड़ोसी रफीक कारी तथा हाजी खिजर को बुलाया। उनके सामने रफीक मियां ने उक्त बात दोहराई।इस पर उसने डेढ़ लाख रुपये उसी समय दे दिए।रफीक मियां ने उसे अपने साथ उत्तर प्रदेश चलने के लिए कहा। सलमान के मुताबिक 10 अक्टूबर की रात को उन्होंने अवध आसाम एक्सप्रेस की तीन टिकट बनवाई। उसके साथ रजा मोहम्मद व गुलाम अली भी गए। रफीक मियां 11 अक्टूबर को मुरादाबाद के अस्पताल में लेकर गए और उसका मेडिकल बनवाया। उस दौरान 11000 रुपए रफीक ने ले लिए। वहां पर रफीक मियां का पुत्र सतार नदीम सबू तथा रफीक व आसिफ और मुल्ला आदि भी आए हुए थे। इसके बाद रफीक मियां उन्हें अपने गांव टाकला ले गया। उसके अगले दिन 12 अक्टूबर को उन्हें वापस भिजवा दिया। सलमान के अनुसार अपने गांव आने के बाद रफीक का फोन आया और कहा कि वह 40 हजार उसके पुत्र सबू के खाते में डलवा दे, वीजा के लिए जरूरत है। उसने 40 हजार रुपए डलवा दिए। फिर 29 दिसंबर को रफीक कीकरवाली आया और डेढ़ लाख रुपये हांगकांग वीजा और टिकट के नाम पर ले गया। तब उसने संगरिया में राधेश्याम सोनी के यहां सोने की बालियां गिरवी रखकर 1लाख 20 हजार रुपए हासिल किए थे। रफीक मियां के वापस उत्तर प्रदेश जाने के बाद वह कई दिन तक उसे और उसके पुत्रों से हांगकांग के वीजा तथा टिकट के बारे में बात करता रहा। वे सभी टालमटोल करते रहे।जब उसने कहा कि उस पर उधार लिए हुए रूपयों का ब्याज पड़ रहा है तो रफीक ने अपने पुत्र सतार के नाम की फर्जी एग्रीमेंट की कॉपी, टिकट और वीजा की कॉपी भेजी और कहा कि विश्वास रखो, उसका भी काम हो जाएगा।काफी इंतजार करने के बाद भी जब रफीक मियां ने उसे हांगकांग का वीजा और टिकट नहीं दी, तब रफीक कारी ने उसके साथ ठगी होने की आशंका व्यक्त की। इसी दौरान गांव में चर्चा होने लगी कि रफीक मियां ने और भी कई व्यक्तियों के साथ ठगी की है। सलमान के अनुसार जब उसने गांव वालों से बात की की तो पता चला कि रजा मोहम्मद, गुलाम अली, बग्गा खान, अल्लादिता और पोकरराम निवासी कीकरवाली तथा युसूफ खान निवासी रोड़ावाली के साथ भी रफीक मियां ने ठगी की है।वे सभी इकट्ठा होकर 30 जनवरी को रफीक मियां के गांव टाकला गए तो वहां रफीक, सतार, सबू, नदीम, मुल्ला और आसिफ आदि सभी मिले।बातचीत करने पर सभी टालमटोल करने लगे।उन्होंने उनसे लिए हुए रुपए भी वापस नहीं किये। सलमान के अनुसार रफीक मियां ने उससे 3 लाख 21 हजार की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गईहै।
