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किराएदार  पिता-पुत्र पर बंद आयल मिल मशीनरी की तीन मोटरें व अन्य सामान चोरी करने का आरोप, केस दर्ज

किराएदार  पिता-पुत्र पर बंद आयल मिल मशीनरी की तीन मोटरें व अन्य सामान चोरी करने का आरोप, केस दर्ज
श्रीगंगानगर।
जवाहरनगर थाना क्षेत्र में गणेश टॉकीज के नजदीक पुराने इंडस्ट्रियल एरिया में अनेक वर्षों से बंद पड़ी आयल मिल की मशीनरी से तीन मोटरें तथा कुछ अन्य सामान चोरी करने के आरोप में इसी मिल के साथ लगती एक दुकान में किराएदार पिता- पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार सतीश यादव निवासी महावीर कॉलोनी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर श्रवणसिंह और उसके पुत्र गुरप्रीतसिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच सब इंस्पेक्टर नरेश के सुपुर्द की गई है। सतीश यादव जवाहरनगर निवासी अशोक कुमार नामक शख्स का कारोबार संभालता है। उसने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया है कि अशोक कुमार की इंडस्ट्रियल एरिया में काफी बड़े भूखंड में वर्षों से तेल मिल बंद पड़ी है।इसी मिल में बाहर की तरफ अशोक कुमार द्वारा दुकानें बनाई हुई हैं। दुकानों से किराया लेने सहित वह अशोक कुमार के अन्य कारोबार को भी संभालता है। दुकान नंबर 10 श्रवणसिंह ने किराए पर ले रखी है। इस दुकान को खाली करवाने का प्रकरण अदालत में विचाराधीन है। पिछले वर्ष मई महीने में जब उसने फैक्ट्री परिसर में जाकर देखा तो सामान इधर-उधर हो रखा था। सामान चेक किया गया तो तीन मोटरें नहीं मिली। कुछ अन्य सामान भी गायब था। पुलिस के अनुसार सतीश यादव का कहना है कि फैक्ट्री चारों तरफ से बंद है।इसमें कहीं से प्रवेश नहीं किया जा सकता। जब उसने इधर-उधर चेक किया तो शक हुआ कि श्रवणसिंह और उसके बेटे गुरप्रीतसिंह ने किराए पर ली हुई दुकान की पीछे वाली दीवार की ईंटें हटा रखी थीं। दुकान के अंदर से पीछे मिल में जाने-आने का रास्ता बना रखा है। उसने उक्त दुकान में जाकर देखा तो एक कोने में रखी तीन मोटरें दिखाई दे गईं। यही मोटरें मिल में लगी हुई थीं।जब उसने मोटरों के बारे में पूछा तो श्रवण और उसका बेटा गुरप्रीतसिंह लड़ाई झगड़ा करने पर उतरे।उसे धमकाने लगे कि अगर वह दुकान के अंदर आया तो उस पर चोरी करने के आरोप में वे मुकदमा दर्ज करवा देंगे। दुकान खाली करवाने को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। पुलिस के अनुसार घटना के इतने दिन बाद चोरी की रिपोर्ट देने के बारे में सतीश का कहना है कि इतने दिन तक  वे पंचायती कर रहे थे कि मिल से चोरी की गई मोटरें और अन्य सामान श्रवणसिंह और गुरप्रीतसिंह वापस दे दें लेकिन उन्होंने सामान वापस देने से इनकार कर दिया।

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