आरएएस-प्री की परीक्षा देने के 2 दिन बाद युवती ने आत्महत्या की
– सुसाइड नोट में माता-पिता के लिए लिखा कि वह भाई बहन को खूब पढ़ाएं
श्रीगंगानगर। करीब 25 वर्षीय एक युवती ने आरएएस-प्री की परीक्षा देने के दो दिन बाद ही अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। युवती का लिखा एक सुसाइड नोट उसके परिवार वालों ने पुलिस को सौपा है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में युवती ने आरएएस-प्री की परीक्षा सही नहीं होने का जिक्र करते हुए माता-पिता से कहा है कि वे उसके दूहरे भाई बहन को खूब पढ़ाए। मामला घमूडवाली थाना क्षेत्र के चक 38-एलएनपी का है। पुलिस के मुताबिक धर्मपाल कुम्हार अपनी पत्नी के साथ कल मंगलवार को किसी काम से श्रीगंगानगर गए हुए थे। पीछे घर में उसकी दो बेटियां और एक बेटा था। बड़ी बेटी अनीशा उर्फ सोनू (25) ने दोपहर को बहन भाई को खेत से चारा लाने के लिए भेज दिया। दोनों बहन भाई कुछ देर बाद चार लेकर वापस आए तो घर के कमरे में अनीशा का शव फंदे पर लटक रहा था। उसने फांसी लगाने के लिए घर में ही रखी एक सीढी का उपयोग किया। पता चलने पर धर्मपाल अपनी पत्नी के साथ तुरंत श्रीगंगानगर से गांव को रवाना हो गया। इस बीच सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मौके की कार्यवाही के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में लाया गया। घटना की जांच कर रहे हवलदार ओमप्रकाश ने बताया कि अनीशा ने खुदकुशी करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखकर कमरे में छोड़ा जो उसके परिवार वालों ने पुलिस के सुपुर्द किया है। जांच अधिकारी के अनुसार अनीशा ने विगत रविवार को ही आरएएस-प्री की परीक्षा दी थी। परीक्षा सही नहीं होने के कारण वह तनाव में थी। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसकी पढ़ाई पर काफी खर्चा भी हो गया और वह परीक्षा भी सही से नहीं दे पाई। उसने मां-बाप से कहा है कि वह दूसरे भाई बहन को खूब अच्छे से पढाना। उसने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया।पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद लाश परिवार वालों के सुपुर्द कर दी।
शराब के नशे में जहरीले पदार्थ का सेवन, मौत
श्रीगंगानगर। सूरतगढ़ की वार्ड नंबर 5 में किराए के मकान में रहने वाले एक शख्स ने शराब के नशे में किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। पुलिस के अनुसार लगभग 40 वर्षीय मलकीतसिंह और रायसिख ने 2 फरवरी को शराब के नशे में किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था,जिसे श्रीगंगानगर के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसकी अगले ही दिन मृत्यु हो गई। मूल रूप से मलकीतसिंह निकटवर्ती गांव मानने वाला का निवासी था। वह पिछले काफी समय से सूरतगढ़ के वार्ड नंबर 5 में किराए के मकान में परिवार सहित रहकर दिहाड़ी मजदूरी कर रहा था। वह अत्यधिक शराब पीने का आदी था। नशाखोरी के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। इसी परेशानी के चलते उसने अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।पोस्टमार्टम करवाने के बाद लाश परिवार वालों के सुपुर्द कर दी गई। उसके पिता महेंद्रसिंह निवासी मानेवाला द्वारा दी गई रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज की गई है।
