अमेरिका द्वारा भारतीयों के अपमान और मोदी सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया
– राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया
श्रीगंगानगर। अमेरिका से आप्रवासी भारतीयों को बेहद अपमानजनक तरीके से डी-पोर्ट करने और इस पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की चुप्पी के खिलाफ कांग्रेस ने आज जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर मांग की कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें। केंद्र सरकार अमेरिका को उसके द्वारा अपनाए गए अमानवीय तरीके का विरोध जताए तथा माकूल जवाब दे। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आज दोपहर काफी संख्या में एकत्रित हुए कांग्रेसजन जिला कलेक्ट्रेट पर जुलूस के रूप में पहुंचे। भारतीयों का अपमान करने पर अमेरिका का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र नरेंद्र मोदी सरकार की चुप्पी की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रदर्शन में संगठन महामंत्री श्यामलाल शेखावटी, शहर ब्लॉक अध्यक्ष धर्मपाल झोरड़, देहात ब्लॉक अध्यक्ष श्याम पुन्यानी, महामंत्री मनोज भिड़सरा, अजय कुमार एडवोकेट और डॉ. बलदेव बवेजा, अनुसूचित जाति जनजाति विभाग जिला अध्यक्ष राजेश नागर, मिर्जावाला ब्लॉक अध्यक्ष लालचंद मिर्जावाला,इशानवीरसिंह मान, राजीव गांधी पंचायती राज विभाग ब्लाक अध्यक्ष गौरव शर्मा, अशोक डागला, सुरेश खटक, मदनलाल भाटिया, गोपाल सुथार, उशविंद्रसिंह बराड, विमल बिश्नोई, मुकेश कुमार मिड्ढा, वीना चौहान, बीएस चौहान, इंटक के जिला महामंत्री गोपालसिंह टक्कर और चिमनलाल खन्ना आदि शामिल हुए। कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा है कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने के पश्चात अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया के तहत विगत 5 फरवरी को अमेरिकी सरकार ने भारतीयों को बहुत ही अपमानजनक तरीके से एक सैनिक विमान द्वारा वापस भारत भेजा है। अमेरिकी सैनिक विमान में 104 भारतीयों को बेड़ियों में जकड़ कर अपराधियों की तरह अमृतसर (पंजाब)के एयरपोर्ट पर लाया गया। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और देश के लिए अपमानजनक है कि भारतीय नागरिकों को अमेरिका ने बेहद क्रूरतापूर्ण ढंग से वतन भेजा। ऐसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। लगभग 40 घंटे के हवाई सफर में भारतीय नागरिक बेडियों में जकड़े रहे। अमेरिकी सैनिक विमान में सिर्फ एक टॉयलेट था। इसका उपयोग करने के लिए भी भारतीय नागरिकों को बहुत मुश्किल हुई। रास्ते में उनके लिए खाने-पीने का प्रबंध भी नहीं था। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को पहले भी वहां की सरकारें डी-पोर्ट करती रही हैं लेकिन ऐसा अपमानजनक रवैया कभी नहीं अपनाया। किसी देश में अवैध रूप से रहना कोई अपराध नहीं है। फिर भारतीयों को अपराधियों की तरह अमेरिका ने डी-पोर्ट किस लिए किया। इस पर भी केंद्र सरकार का रवैया बहुत ही हैरानी करने वाला है। आखिर केंद्र सरकार ने अमेरिकी सैनिक विमान को भारत में किसी एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत कैसे दे दी? यह भारत की गरिमा, अस्मिता और गौरव का सवाल है? भारत सरकार को अमेरिका के ऐसे रवैया का उसी तरह से जवाब देना चाहिए जैसे कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावा पेट्रो ने दिया है। इस छोटे से देश ने शक्तिशाली अमेरिका को अपनी खुद्दारी का परिचय दिया है। केंद्र की भाजपा सरकार देश को विश्व गुरु कहते नहीं थकती। भारतीय नागरिकों का अपमान करने वाली अमेरिका सरकार के सामने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार खामोश है। केंद्र सरकार को इसका यथोचित विरोध ही नहीं करना चाहिए बल्कि माकूल जवाब भी देना चाहिए। आखिर यह 150 करोड़ भारतीयों के सम्मान का सवाल है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से गुजारिश है कि केंद्र सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा जाए ताकि दोबारा अमेरिकी सरकार इस तरह से भारतीय नागरिकों का अपमान नहीं करे।
हनुमानगढ़ में आज पीएम का पुतला जलाएंगे
अमेरिका से भारतीय नागरिकों को अमानवीय तरीके से भारत भेजने की शर्मनाक घटना के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की खामोशी के खिलाफ हनुमानगढ़ में कल शनिवार प्रात: 11:30 बजे कांग्रेसी शहीद भगतसिंह चौक में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला जलाएंगे पुतला जलाएंगे। हनुमानगढ़ जिला कांग्रेस की प्रवक्ता श्रीमती नवनीत संधू ने कहा कि अमेरिका से भारतीय नागरिकों को जिस अमानवीय तरीके से भारत भेजा गया है,वह बेहद ही शर्मनाक है। इस तरह का व्यवहार उनकी गरिमा का घोर उल्लंघन है और हमारे राष्ट्र की छवि को धूमिल करता है। यह विश्व पटल पर भारत और भारतीयों का अपमान है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी ने कांग्रेसजनों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में व समय पर पुतला दहन औल विरोध-प्रदर्शन के कार्यक्रम में पहुंचने का अनुरोध किया है।
