विदेश जाना चाहता था अक्षय, साइबर फ्रॉडर्टस के चक्कर में पड़ गया-पुलिस ने किया गिरफ्तार
– तीस लाख की फर्जी शेयर ट्रेडिंग में बैंक अकाउंट में आए तीन लाख आरोपी ने परिवादी को वापस भी कर दिए
श्रीगंगानगर। हरियाणा के रोहतक शहर की राजीव कॉलोनी का निवासी अक्षय धाणक (28) विदेश जाना चाहता था। वह साइबर फ्रॉड करने वालों के झांसे में आ गया। उसने अपना बैंक अकाउंट का नंबर उनको दे दिया। उसके अकाउंट में फर्जी शेयर ट्रेडिंग की ठगी लगभग 30 लाख की राशि में से तीन लाख आए जो उसने अकाउंट से निकलवा कर साइबर ठगों को दे दिया। साइबर ठगों ने उससे वायदा किया था कि अगर वह अपना बैंक अकाउंट उन्हें देगा तो वे उसे विदेश भिजवाने में मदद करेंगे। अक्षय विदेश तो नहीं जा पाया लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे स्थानीय साइबर थाना पुलिस रोहतक से गिरफ्तार कर लाई है। आज उसे अदालत में पेश किया जा रहा है। अक्षय रोहतक में ड्राइवरी करता था।विगत 16 दिसंबर को स्थानीय रिद्धि सिद्धि कॉलोनी (द्वितीय) निवासी प्रमोद टैगोर ने 30 लाख रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने का मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस ने बताया कि प्रमोद टैगोर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगा गया। उससे ठगी राशि में से तीन लाख रुपए अक्षय के बैंक अकाउंट में जमा हुए थे। उसने यह पूरी राशि अकाउंट से निकलवा कर उसका बैंक अकाउंट लेने वालों को दे दी। बैंक अकाउंट लेने वालों ने इस काम के बदले उसे विदेश भिजवाने में मदद करने का वायदा किया था। इधर, प्रमोद टैगोर के मामला दर्ज करवाने पर पुलिस ने उन बैंक खातों की पड़ताल शुरू की जिन में ठगी की राशि ट्रांसफर हुई थी। जिन बैंक अकाउंट्स में राशि ट्रांसफर हुई,उन सभी को पुलिस ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर उन में पड़ी राशि को होल्ड करवाने तथा अकाउंट को फ्रीज करवाने की कार्यवाही शुरू कर दी। इसी क्रम में जब अक्षय का बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ तो उसे पता चला कि उसके खाते में आई रकम साइबर ठगी की थी। स्थानीय पुलिस के अनुसार अक्षय ने अकाउंट में आए पूरे तीन लाख रुपए तो ठगों को दे दिए लेकिन पकड़े जाने से बचने के लिए उसने तीन लाख रुपए परिवादी प्रमोद टैगोर के अकाउंट में वापस भी जमा करवा दिए। उसका अकाउंट क्योंकि साइबर ठगी में इस्तेमाल हुआ था, इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रमोद टैगोर से ठगी गई राशि जिन बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हुई है,उनमें से एक- दो अकाउंट में कुछ रकम होल्ड करवाई गई है लेकिन ना तो बाकी रकम का पता चला है और ना ही साइबर फ्रॉड करने वालों का।
ऐसे फंसा ठगी के जाल में परिवादी
प्रमोद टैगोर ने पुलिस को बताया कि दिल्ली में रहने वाले उसके चाचा सतपाल ने कुछ दिन पहले उससे कुछ रुपए उधार मांगे थे।चाचा सतपाल भी शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कर मुनाफा कमाता है। उसी के कहने पर शेयर ट्रेडिंग के एक ग्रुप को उसने ज्वाइन किया था। साइबर ठगों ने एक्सिस सिक्योरिटी लिमिटेड के नाम से एक फर्जी शेयर ट्रेडिंग अप से प्रमोट टैगोर को ताकि का शिकार बनाया। प्रमोद को उसके द्वारा इन्वेस्ट की गई 30 लाख की राशि पर शुरू में 6 लाख 36 हजार 626 रुपए का लाभ दिखाया गया। वह लाभ की राशि ऐप से विड्रोल करने लगा तो तथाकथित ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग कंपनी ने उसे 975 रुपए के हिसाब से 13 हजार 500 शेयर अलॉट करने और इसकी राशि एक करोड़ 31 लाख 62 हजार 500 जमा करवाने को कहा। उसने शेयर लेने से इनकार कर दिया तो कंपनी ने कहा कि उसके सारे फंड पर 19 दिसंबर को जुर्माना लिया जाएगा। प्रमोद टैगोर के मुताबिक तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है।
