सरकारी स्कूल का प्रधानाचार्य इंदिरा नहर पर सामान छोड़कर गायब, एसडीआरएफ टीम द्वारा तलाश जारी
– स्कूल की दो शिक्षिकाओं और शिक्षा विभाग ऑफिस की कार्य प्रणाली से परेशान होने की आशंका
– गायब प्रधानाचार्य की दो पत्र सोशल मीडिया में हो रहे हैं वायरल
श्रीगंगानगर। हनुमानगढ़ जिले के नोहर शहर में ढाका कालोनी निवासी और सरदारपुरा वास के सरकारी उच्च प्राथमिकविद्यालय के प्रधानाचार्य के लापता होने से उसके परिवार जनों के साथ शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।लापता हुए प्रधानाचार्य महेंद्र जोइया का मोटरसाइकिल,कपड़े, चश्मा आदि सामान रावतसर थाना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर की आरडी 84 पर पड़ा मिला है। उसके द्वारा लिखे हुए दो पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं,जिनमें स्कूल की दो अध्यापिकाओं से परेशान होना लिखा है। वही शिक्षा विभाग के ऑफिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रधानाचार्य महेंद्र जोइया के नहर में कूदने की आशंका को देखते हुए प्रशासन द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन दल (एसडीआरएफ) की टीम को इंदिरा गांधी नहर में उतर गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महेंद्र जोइया कल मंगलवार को रोजाना की तरह सरदारपुरा वास में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ड्यूटी के लिए गए थे। वहां से वह दोपहर करीब 11 बजे मोटरसाइकिल लेकर गायब हो गये। उसके घर नहीं आने पर परिवार वाले तलाश करने लगे। इसी बीच कुछ लोगों को रावतसर थाना इलाके में इंदिरा नहर की आरडी 84 पर कुछ सामान संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां मिला सामान लापता हुए प्रधानाचार्य महेंद्र जोइया का निकाला। इसी बीच सोशल मीडिया में उसके लिखा दो पत्र वायरल होने लगे। जानकारी के अनुसार महेंद्र जोइया ने यह पत्र विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किये और उसके बाद वह गायब हो गया। उसके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन रावतसर थाना इलाके में भाखरों वाली ढाणी के समीप की प्रदर्शित हो रही है। पुलिस के अनुसार इस संबंध में महेंद्र के एक परिजन ने नोहर थाना में रिपोर्ट दी है जिस पर फिलहाल गुमशुदगी दर्ज की गई है।देर शाम समाचार लिखे जाने तक महेंद्र का कुछ पता नहीं चला था। उसके परिवार वाले बहुत ही चिंतित हो रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी सोशल मीडिया में उसके लिखें पत्रों के वायरल होने के कारण सहमे हुए हैं। पत्र में महेंद्र ने एक शिक्षिका की ड्यूटी जीपीएस 3 में लगा देने पर उसके द्वारा कथित रूप से परेशान करने का आरोप लगाया गया है। पत्र में लिखा है कि वह अलग-अलग लोगों से फोन करवा कर दबाव बना रही है। उसे जातिगत द्वेष भावना से भी परेशान किया जा रहा है। इसी प्रकार एक अन्य अध्यापिका द्वारा परेशान किए जाने का महेंद्र ने लिखा है। पुलिस का कहना है कि अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि महेंद्र अपना सामान नहर पर छोड़ने के बाद नहर में कूद गया या फिर कहीं और गायब हो गया है। उसकी बड़ी शिद्दत से तलाश की जा रही है।उधर शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी भी इस मामले में हरकत में आ गए हैं।
