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पंजाब पुलिस की बदौलत श्रीगंगानगर बॉर्डर पर हेरोइन तस्करों के नेटवर्क का भंडाफोड़, एक युवक गिरफ्तार

पंजाब पुलिस की बदौलत श्रीगंगानगर बॉर्डर पर हेरोइन तस्करों के नेटवर्क का भंडाफोड़, एक युवक गिरफ्तार

– पंजाब की फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर ला गए युवक से खुफिया एजेंसियां करेंगी पूछताछ
श्रीगंगानगर
। पंजाब पुलिस की बदौलत राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हैरोइन तस्करों के एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पंजाब पुलिस द्वारा लगभग तीन महीने लुधियाना जिले के पकड़े गए एक संदिग्ध व्यक्ति से हुई पूछताछ के बाद 511 ग्राम हैरोइन सहित पंजाब में ही पड़ेगए पकड़े गए एक युवक को श्रीगंगानगर जिले की समेजा कोठी पुलिस अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी करवा कर अपनी हिरासत में लिया है।पकड़े गए युवक नवदीप उर्फ लवली उर्फ सुक्खा (21)पुत्र बिंदौरसिंह निवासी पीर इस्माइल खान थाना सदर जिला फिरोजपुर पंजाब को आज अदालत में पेश किया गया। उसका 27 फरवरी तक पुलिस रिमांड दिया गया है। रिमांड के दौरान खुफिया एजेंसियों द्वारा अपने संयुक्त पूछताछ केंद्र (जीआईसी) में नवदीपसिंह से कड़ी पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने बताया कि 15 जून 2024 को समेजा कोठी थाना में अज्ञात तस्करों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे में नवदीपसिंह की गिरफ्तारी की गई है।

पुलिस और बीएसएफ से तेज निकले तस्कर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक 14-15 जून की रात को समेजा कोठी थाना क्षेत्र के चक 44-पीएस के एक खेत में काम कर रहे  किसानों ने जब तीन-चार संदिग्ध व्यक्तियों को देखा तो उनको पकड़ने की कोशिश की। संदिग्ध व्यक्ति किसानों पर  फायरिंग कर अपनी कार में फरार भाग निकले। किसानों ने बीएसएफ और पुलिस को सूचना दी। बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी कर संदिग्धों  को पकड़ने की कोशिश की। चक 44-पीएस से अनूपगढ़-रायसिंहनगर भारतमाला प्रोजेक्ट मार्ग पर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों को दबोचने के लिए नाकाबंदी की। इस मार्ग पर चक 74-77 एनपी के बीच नाकाबंदी किए हुए पुलिस की गाड़ी में टक्कर मारकर तस्कर भाग निकले। पुलिस ने उनका कुछ दूर ओवरब्रिज तक पीछा भी किया लेकिन वे भाग जाने में कामयाब हो गए। इसी दौरान चक 44-पीएस खेतों में 6 किलो हैरोइन बरामद हुई। हैरोइन के पैकेट उस रात पाकिस्तान की ओर से आए ड्रोन द्वारा ड्रॉप किए गए थे। ड्रोन की आवाज भी किसानों ने सुनी थी। वहीं उन्होंने पैकेट उठाने आए संदिग्धों को भी देख लिया था,जिस पर पकड़ने की कोशिश की तो वे हैरोइन के पैकेट छोड़कर भाग गए थे। इस मामले की जांच रायसिंहनगर के थाना प्रभारी को दी गई। स्थानीय पुलिस 5 महीने बाद भी उक्त संदिग्धों का सुराग लगाने में नाकाम रही।

दूसरे तस्कर को भी लाया जाएगा

पुलिस सूत्रों के अनुसार लगभग 3 महीने पहले पंजाब के लुधियाना जिले के बलजीतसिंह नामक व्यक्ति को वहां की पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया और पूछताछ की गई तो खुलासा हुआ कि वह हैरोइन तस्करी के एक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। वह तस्करों के लिए कोरियर का काम करता है। बलजीतसिंह ने ही अपने तीन-चार साथियों के साथ 14-15 जून की रात को चक 44-पीएस में पाकिस्तान ड्रोन से ड्रॉप किए जाने वाले हैरोइन के पैकेट पंजाब में बड़े तस्करों तक पहुंचाने का काम लिया था। बलजीतसिंह के साथ नवदीप सिंह उर्फ लवली तथा एक दो अन्य युवक भी  थे। यह तस्कर उस रात किसानों की सतर्कता के कारण पाकिस्तान से आई हैरोइन की खेप उठा ले जाने में नाकाम हो गए थे। पुलिस का दावा है कि उस रात 6 किलो हैरोइन ही पाकिस्तान से आई थी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कुछ पैकेट तस्कर कार में डालकर ले जाने में सफल हो गए थे। बलजीतसिंह से पंजाब पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के कुछ दिन बाद ही नवदीपसिंह भी जलालाबाद सदर थाना इलाके में 511 ग्राम हैरोइन सहित पकड़ा गया। इन दोनों के पकड़े जाने की सूचना पंजाब पुलिस ने श्रीगंगानगर जिला पुलिस के अधिकारियों को कई दिन पहले दे दी थी। इसी क्रम में नवदीपसिंह को अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी करवा कर स्थानीय पुलिस पंजाब की फरीदकोट जेल से पूछताछ के लिए लेकर आई है। अब कुछ दिनों बाद बलजीत सिंह को भी इसी प्रकार पंजाब की जेल से पूछताछ के लिए लाया जाएगा।पुलिस सूत्रों ने बताया कि नवदीपसिंह पर जलालाबाद सदर थाना में 511 ग्राम हैरोइन के अलावा 20 ग्राम हैरोइन सहित पकड़े जाने का एक और मामला वहां के किसी थाने में दर्ज है। उसकी गाड़ी से 3 लाख रुपए की ड्रग मनी बरामद होने का भी एक अलग मामला पंजाब के एक थाने में दर्ज है।
उस रात 6 किलो हैरोइन और आई थी
विगत 14-15 जून की रात को समेजा कोठी थाना क्षेत्र के चक 44-पीएस के अलावा अनूपगढ़ थाना क्षेत्र के चक 13-के में मूलपालसिंह नामक व्यक्ति के खेत में भी 6 किलो हैरोइन के पैकेट पड़े मिले थे। चक 44-पीएस और चक 13-के में मिले हैरोइन के पैकेट की पैकिंग एक जैसी ही थी। लिहाजा आशंका है कि हैरोइन के पैकेट ड्रोन से ड्राप करने वाले पाकिस्तानी तस्कर एक ही हैं जबकि उसे रात भारतीय क्षेत्र में पैकेटों को उठाने आने वाले तस्कर अलग-अलग नेटवर्क से जुड़े हुए थे। इनमें से चक 44-पीएस के तस्करों के नेटवर्क का तो खुलासा हो गया है, लेकिन चक 13-के में मिले पैकेटों के मामले में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

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