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मण्णापुरम फाइनेंस लिमिटेड के अधिकारियों पर लॉकर्स से पैकेट चोरी करने का आरोप, मामला दर्ज

मण्णापुरम फाइनेंस लिमिटेड के अधिकारियों पर लॉकर्स से पैकेट चोरी करने का आरोप, मामला दर्ज
श्रीगंगानगर।
रायसिंहनगर में मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड कंपनी की शाखा में मैनेजर रहे एक युवक ने कंपनी के कुछ अधिकारियों पर अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर जबरदस्ती लॉकर्स से छेड़छाड़ करने और उसमें रखें पैकेट चोरी करने का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक मूल रूप से गांव पतरोडा और हाल रायसिंहनगर निवासी सुशील द्वारा अदालत में दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर चंद्र मोहन मीणा निवासी टोन तहसील बोली जिला सवाई माधोपुर एरिया हैड मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड हाल दुकान नंबर 7 एसबीआई के पास रायसिंहनगर, हिमांशु ठाकुर ऑडिटर मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड हनुमानगढ़,सीएम पाटिल रीजनल मैनेजर मण्णापुरम फाइनेंस लिमिटेड हनुमानगढ़,पी वीरसा रीजनल हैड मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड हनुमानगढ़, दिवाकर, शुक्ला, अश्विनी और आशीष ऑडिटरों तथा 5-7 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ अदालत में दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस के मुताबिक इस्तगासा में सुशील ने बताया है कि उसने सितंबर 2021 में मण्णपुरम गोल्ड लोन कंपनी में जूनियर स्टाफ के रूप में कार्य करने शुरू किया था। जून 2023 में उसे ब्रांच मैनेजर बनकर रायसिंहनगर शाखा में पद स्थापित किया गया। कंपनी द्वारा समय-समय पर इसकी ब्रांच की ऑडिट की जाती थी। विगत 6 नवंबर 24 तक सब कुछ उसकी शाखा में ठीक था। सुशील ने आरोप लगाया है कि रीजनल हैड पी. वीरसा और रीजनल मैनेजर सीएम पाटिल उसे परेशान करते थे। उस पर गलत काम करने का दबाव डालते थे। मना करने पर मकियां देते थे।उससे रिश्वत के रूप में रुपए मांगते थे।मजबूर करके अपने खातों में रुपए डलवाते थे।उसने अक्टूबर 2024 में उसने 15 और 18000 रुपए खातों में जमा करवाने के बारे में बताया है। अक्सर सिक्योरिटी गार्ड की फर्जी उपस्थिति भी लगवाते थे। जब वह कहता था कि ब्रांच में जब कोई सिक्योरिटी गार्ड है ही नहीं तो उक्त कंपनी के अधिकारी कहते थे कि उन्होंने हरनेकसिंह को कागजों में गार्ड दिखा रखा है, जिससे वे दूसरी जगह काम ले रहे हैं।अगर किसी को इस बारे में बताया तो उसे नौकरी लायक नहीं छोड़ेंगे।पुलिस के अनुसार इस्तगासा में सुशील ने बताया है कि 6 नवंबर को पी वीरसा और सीएम पाटिल ऑडिट करने उसकी ब्रांच में आए थे। उसे समय सारा सामान सही पाया गया था। यह दोनों अगले दिन 7 नवंबर को 5-6 अन्य व्यक्तियों के साथ फिर से ब्रांच में आए। इनके साथ आने वाले व्यक्तियों में ठाकुर, दिवाकर, शुक्ला और मोहन आदि थे जिन्होंने उसे जबरदस्ती उसकी सीट से उठा दिया। उसे कस्टमर एरिया में ले गए।दो जने उसके पास खड़े हो गए, जिन्होंने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। जब उसने उक्त लोगों की आईडी के बारे में पूछा तो उन्होंने चुपचाप बैठे रहने को कहा। सुशील ने आरोप लगाया है कि उक्त लोगों ने जबरदस्ती ओटीपी नंबर लेकर चेस्ट खुलवाई और उसमें रखें पैकेटों को सील को तोड़कर देखने लगे जबकि पैकेट पारदर्शी होते हैं और उसमें रखे सामान को बाहर से देखा जा सकता है। उसकी बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति चेस्ट में नहीं जा सकता और ना ही कोई बैग ले जा सकता है, लेकिन उक्त कंपनी के अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे बंद करवा कर चेस्ट के बाहर एक व्यक्ति को खड़ा कर दिया और गोल्ड पैकेट खंगालने लगे। शाखा के किसी भी कर्मचारी को इस दौरान चेस्ट में लेकर नहीं गए। सुशील ने इस्तगासा में बताया है कि उसे अगले दिन 8 नवंबर तक उक्त लोगों ने शाखा में ही बंधक बनाए रखा। इस दौरान उसे पर तैनात एक शख्स जब लघु शंका के लिए गया तो उसे सामने पड़ा अपना मोबाइल फोन दिखाई दिया, जिससे उसने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। कुछ ही देर में पुलिस ब्रांच में आ गई जो उन सभी को थाने में ले ग।उसे शाम को छोड़ दिया गया लेकिन रीजनल हैड पी वीरसा और रीजनल मैनेजर सीएम पाटिल के उसे ब्रांच तथा चेस्ट की चाबियां नहीं दीं। उसे धक्के मार कर बाहर निकाल दिया। पुलिस के अनुसार सुशील ने इस्तगासा में बताया है कि  गोल्ड पैकेट बिना जमाकर्ताओं को बुलाए ब्रांच मैनेजर व चेस्ट बुक में बिना इन्वेंटरी के पैकेट खोलकर उक्त लोगों ने छेड़छाड़ की। उन्होंने गोल्ड पैकेट में से सामान भी निकाल लिया। उल्लेखनीय है कि 8 नवंबर को सूचना मिलने पर पुलिस मण्णपुरम की इस शाखा में पहुंची थी और वहां से सभी जनों को थाने में भी लाया गया, लेकिन तब किसी ने कोई रिपोर्ट नहीं दी थी। इसके कई दिनों बाद कंपनी के एक अधिकारी ने इस शाखा में काम करने वालों के खिलाफ शाखा में काफी हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में कई आरोपी फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित कर रखा है।

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