बैंक कर्मी फर्जी ट्रेडिंग का शिकार बना, 23 लाख की चपत लगी
श्रीगंगानगर। एक बैंक कर्मचारी ऑनलाइन फर्जी ट्रेडिंग का शिकार बन गया। उसे ऑनलाइन फर्जी ट्रेनिंग के जाल में उलझा कर शातिर ठगों ने उससे लगभग 23 लाख रुपए ऐंठ लिए। साइबर थाना पुलिस के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक में कर्मचारी पदमपुर निवासी जितेंद्र अरोडा द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 22 लाख 72 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि जितेंद्र अरोडा एक बैंक कर्मचारी है। उसके पास पिछले वर्ष अप्रैल महीने में मोबाइल फोन पर एक लिंक आया, जिसे ओपन करने पर ऑनलाइन ट्रेडिंग काम करने पर भारी मुनाफा होने का ऑफर दिया गया। जितेंद्र अरोडा ने इस लिंक पर अपना विवरण दर्ज कर दिया और ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू कर दी। शुरू में उसे ट्रेडिंग में लाभ होना दिखाया गया। यही नहीं उसने कुछ राशि मुनाफे की विड्रोल भी हुई,जिससे उसका लालच और विश्वास बढ़ गया। ऑनलाइन ठगी करने वालों ने भी उसे बड़ा लाभ कमाने के लिए और इन्वेस्ट करने को प्रेरित किया। जितेंद्र अरोडा ने लाखों रुपए ऑनलाइन ही ट्रेडिंग के लिए ट्रांसफर कर दिए। वह समय-समय पर अपना ऑनलाइन ट्रेडिंग का अकाउंट चेक करता रहा, जिसमें उसे लगातार मुनाफा दिखाया जा रहा था। वह मुनाफा बढ़ते देखकर निश्चिंत रहा का सब कुछ ठीक चल रहा है। लगभग एक महीना पहले जरूरत पड़ने पर जितेंद्र ने अपनी राशि ऑनलाइन विड्रोल करनी चाहिए तो उसे नहीं मिली। ट्रेडिंग में निवेश करवाने वाले अज्ञात लोग उसे लगातार आश्वासन देते रहे की उसकी रकम उसे वापस मिल जाएगी, लेकिन जब रुपए नहीं मिले तो उक्त लोगों ने जितेंद्र का फोन उठाना बंद कर दिया। उसके मैसेज का जवाब भी उन्होंने नहीं दिया। तब उसे अपने साथ ठगी होने का पता चला। मामले की जांच साइबर थाना प्रभारी डीएसपी कुलदीप वालिया खुद कर रहे हैं।
